फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Vice President said, I am very Distressed about the behavior of certain sections in the Rajya Sabha

उप-राष्ट्रपति बोले, राज्यसभा में कुछ वर्गों के बर्ताव से मैं बहुत व्यथित

Sat, 27 Jul 2019 09:48 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Sat, 27 Jul 2019 09:48 PM IST
विज्ञापन
Vice President said, I am very Distressed about the behavior of certain sections in the Rajya Sabha
उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू - फोटो : ANI
कुछ विधेयकों के पारित होने पर सरकार और विपक्ष के मध्य गतिरोध के बीच उप-राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि पिछले दो वर्षों में ऊपरी सदन में कुछ वर्गों के व्यवहार से वह बहुत व्यथित हैं।
विज्ञापन


उन्होंने सांसदों से संसद के प्रभावी कामकाज को सुनिश्चित करने में अनुकरणीय आचरण दिखाने का भी अनुरोध किया। साथ ही उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि स्थानीय निकायों को संवैधानिक रूप से सशक्त बनाने के 26 वर्षों बाद भी शक्तियों के हस्तांतरण और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली संतोषप्रद भी नहीं है।
विज्ञापन


शक्तियों का हस्तांतरण संतोषप्रद नहीं

साथ ही उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि उन्होंने हमेशा पंचायती राज निकायों को सशक्त बनाने के लिए पर्याप्त धन, कार्यप्रणाली और पदाधिकारियों के हस्तांतरण की आवश्यकता पर बल दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय निकायों को संवैधानिक रूप से सशक्त बनाने के 26 वर्षों बाद भी शक्तियों का हस्तांतरण और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली संतोषप्रद भी नहीं है। एक कार्यक्रम के इतर राज्यसभा के सभापति ने कहा कि उन्होंने हमेशा पंचायती राज निकायों को सशक्त बनाने के लिए पर्याप्त धन, कार्यप्रणाली और पदाधिकारियों के हस्तांतरण की आवश्यकता पर बल दिया है।

नायडू ने कहा कि स्थानीय निकायों को संवैधानिक रूप से सशक्त बनाने के 26 वर्षों बाद भी शक्तियों का हस्तांतरण और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली संतोषप्रद भी नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को शक्तियों के हस्तांतरण के संबंध में की गई प्रगति की समीक्षा करनी चाहिए और यह देखना चाहिए कि सभी 29 विषयों को स्थानीय निकायों को तुरंत हस्तांतरित कर दिया गया है।


नायडू ने राज्य सरकारों को स्थानीय निकाय चुनाव स्थगित करने के लिए कोई मौका दिये बिना हर पांच साल में निकाय चुनाव कराना अनिवार्य करने पर जोर दिया।

नायडू ने कहा कि महाराष्ट्र में सामाजिक और राजनीतिक सुधारों की बहुत लंबी परंपरा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में स्थानीय सरकार की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed