VHP: 'तीर्थ स्थलों के लिए अलग मंत्रालय बनाए सरकार', अवैध धर्मांतरण के खिलाफ वीएचपी चलाएगा अभियान
विहिप के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने तीर्थ स्थलों के लिए एक नया मंत्रालय बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। आलोक कुमार ने कहा कि हिंदू तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थलों की तरह विकसित नहीं किया जा सकता क्योंकि दोनों की प्रकृति में बहुत अंतर है।
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अवैध धर्मांतंरण के खिलाफ और तीर्थ स्थलों के विकास के लिए हमेशा मुखर रहने वाले विश्व हिंदू परिषद ने बड़ी मांग की है। मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेस करते हुए विहिप के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने देशभर के तीर्थ स्थलों के विकास के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने 21 दिसंबर से 31 दिसंबर तक देशभर में चलाए जाने वाले एक अभियान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विश्व हिंदू परिषद अवैध धर्मांतरण को लेकर विभिन्न माध्यमों से हिंदू जनमानस को जागरुक करेगा।
मंगलवार को विहिप के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने तीर्थ स्थलों के लिए एक नया मंत्रालय बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। आलोक कुमार ने कहा कि हिंदू तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थलों की तरह विकसित नहीं किया जा सकता क्योंकि दोनों की प्रकृति में बहुत अंतर हैं। ऐसे में हमारी मांग है कि धार्मिक तीर्थ स्थलों के विकास के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाए। पूर्व में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठनों ने भी हर राज्य में तीर्थ स्थलों के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग की थी।
गौरतलब है कि 2014-2015 में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की एक छत्र योजना तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान (PRASAD) के तहत विभिन्न तीर्थ स्थलों और पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। वहीं, 2014-15 में शुरू की गई स्वदेश दर्शन योजना के तहत मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को थीम-आधारित पर्यटन सर्किट के विकास के लिए धन उपलब्ध कराता है। इस योजना का उद्देश्य भारत में पर्यटन की क्षमता को बढ़ावा देना, विकसित करना करना है।