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विश्व हिंदू परिषद का दावा- राममंदिर मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में बिल लाएगी सरकार
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Updated Tue, 23 Oct 2018 07:40 PM IST
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विश्व हिंदू परिषद
- फोटो : amar ujala
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का हिंदुओं का सपना जल्द साकार हो सकता है। आरएसएस के आनुसांगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद ने विश्वास व्यक्त किया है कि केंद्र सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लाएगी। संगठन बहुत पहले से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर कानून लाने की मांग करता रहा है।
विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा को भी यह बात मालूम है कि उन्हें परफॉर्म (प्रदर्शन) करना है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि वे राम मंदिर पर किये गए अपने वादे के मुताबिक इसके लिए कानून लेकर आएंगे। जैन ने कहा कि पार्टी के पालमपुर अधिवेशन में ही मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाने के विकल्प की बात स्वीकार कर ली गई थी।
उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण के लिए तीन ही रास्ते संभव हो सकते थे। पहला तो यह कि इस मुद्दे पर मुस्लिम पक्ष अपना दावा छोड़ दे और आपसी सहमति से मंदिर निर्माण का रास्ता बन जाए। लेकिन अब इसकी कोई संभावना नहीं है। दूसरा रास्ता सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निकल सकता था, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद भी ऐसा नहीं लगता कि सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे पर जल्दी कोई रास्ता निकल सकता है। ऐसे में अब संसद में कानून बनाना ही अंतिम विकल्प बचता है और सरकार को इसके लिए प्रयास करना चाहिए।
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भाजपा पर बढ़ रहा दबाव
भारतीय जनता पार्टी पर अयोध्या में राममंदिर निर्माण करने के लिए कानून बनाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने जल्दी ही मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन शुरू करने की बात कही है। दिल्ली में गत पांच अक्टूबर को संतों की विशेष अधिकार समिति की बैठक हुई थी। इसमें भी सरकार से मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग की गई थी। आगामी फरवरी में प्रयागराज में भी धर्म संसद प्रस्तावित है।
माना जा रहा है कि हिंदू संत उस मंच से भी सरकार से मंदिर के लिए कानून बनाने की मांग कर सकते हैं। मंदिर निर्माण के लिए बनी समिति से जुड़े रामविलास वेदांती ने यह कहकर सरकार की मुश्किल बढ़ा दी हैं कि किसी भी हालात में वे नवंबर माह में मंदिर का निर्माण प्रारंभ कर देंगे। इस मुद्दे पर 29 अक्टूबर से सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई शुरू होनी है।
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विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा को भी यह बात मालूम है कि उन्हें परफॉर्म (प्रदर्शन) करना है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि वे राम मंदिर पर किये गए अपने वादे के मुताबिक इसके लिए कानून लेकर आएंगे। जैन ने कहा कि पार्टी के पालमपुर अधिवेशन में ही मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाने के विकल्प की बात स्वीकार कर ली गई थी।
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उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण के लिए तीन ही रास्ते संभव हो सकते थे। पहला तो यह कि इस मुद्दे पर मुस्लिम पक्ष अपना दावा छोड़ दे और आपसी सहमति से मंदिर निर्माण का रास्ता बन जाए। लेकिन अब इसकी कोई संभावना नहीं है। दूसरा रास्ता सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निकल सकता था, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद भी ऐसा नहीं लगता कि सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे पर जल्दी कोई रास्ता निकल सकता है। ऐसे में अब संसद में कानून बनाना ही अंतिम विकल्प बचता है और सरकार को इसके लिए प्रयास करना चाहिए।
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भाजपा पर बढ़ रहा दबाव
भारतीय जनता पार्टी पर अयोध्या में राममंदिर निर्माण करने के लिए कानून बनाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने जल्दी ही मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन शुरू करने की बात कही है। दिल्ली में गत पांच अक्टूबर को संतों की विशेष अधिकार समिति की बैठक हुई थी। इसमें भी सरकार से मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग की गई थी। आगामी फरवरी में प्रयागराज में भी धर्म संसद प्रस्तावित है।
माना जा रहा है कि हिंदू संत उस मंच से भी सरकार से मंदिर के लिए कानून बनाने की मांग कर सकते हैं। मंदिर निर्माण के लिए बनी समिति से जुड़े रामविलास वेदांती ने यह कहकर सरकार की मुश्किल बढ़ा दी हैं कि किसी भी हालात में वे नवंबर माह में मंदिर का निर्माण प्रारंभ कर देंगे। इस मुद्दे पर 29 अक्टूबर से सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई शुरू होनी है।