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Vegetable Price: सब्जियों के दाम में उछाल ला रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, इस वजह से इन 63 दिनों में बढ़े इतने रेट!
Wed, 29 May 2024 05:19 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 29 May 2024 05:19 PM IST
सार
गुजरात और राजस्थान जैसे कुछ इलाकों में 15 से 20 दिन तक लू की लपटें चली हैं, जो सामान्य से ऊपर हैं। लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से देश के अधिकांश राज्यों में लू का असर देखने को मिल रहा है। इसी वजह से सब्जियों, फल, दूध, दलहन और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमत पर असर देखने को मिल रहा है।
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सब्जियों के दाम।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
देश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही हैं। कई राज्यों में लंबे समय से चल रही लू और गर्मी के कारण प्रमुख सब्जियों की आपूर्ति बाधित हो रही है। पिछले साल की गर्मी की तुलना में सब्जियों के दामों में तेजी देखी जा रही है। सब्जियों के कीमतों पर नजर डालें, तो मार्च 2024 के बाद से सब्जियों के दामों में उछाल नजर आ रहा है। प्याज, आलू और टमाटर की कीमत सबसे तेजी से बढ़ रही है।
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एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर मंडी दिल्ली के व्यापारियों का कहना है कि फसलें खराब होने के कारण उत्पादन कम हुआ है। साथ ही भंडारण की लागत और ढुलाई की लागत भी बढ़ गई है। इसकी वजह से इस समय आलू की कीमत बढ़ रही हैं। दूसरी तरफ, गर्मियों के कारण सब्जियों के दामों में उछाल देखा जा रहा है। सब्जियों की कीमत अधिक होने के कारण आने वाले महीनों में खाद्य महंगाई बढ़ी हुई रह सकती है।
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दरअसल, गुजरात और राजस्थान जैसे कुछ इलाकों में 15 से 20 दिन तक लू की लपटें चली हैं, जो सामान्य से ऊपर हैं। लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से देश के अधिकांश राज्यों में लू का असर देखने को मिल रहा है। इसी वजह से सब्जियों, फल, दूध, दलहन और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमत पर असर देखने को मिल रहा है। मार्च में जिन सब्जियों के दाम कम थे, मई में उन्हीं सब्जियों के दाम अब लगभग दोगुने हो गए हैं। लू और भीषण गर्मी खराब से होने वाली वस्तुओं की महंगाई दर 200 आधार अंक तक और खुदरा मूल्य पर आधारित महंगाई दर 25 से 30 आधार अंक तक बढ़ सकती है।
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कारोबारियों का कहना है कि अब ये दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून यह तय करेगा कि आने वाले महीनों में सब्जियों की कीमत कितनी रहेगी। अगर शुरुआती मानसून बेहतर रहता है, तो इससे आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी और कीमत कम होगी, लेकिन अगर लंबे समय तक सूखे की स्थिति बनी रहती है, तो फसलें खराब होने के कारण सब्जियों की कीमत बढ़ेगी। भारत के मामले में यह बिल्कुल सही है, क्योंकि ताजे फलों व सब्जियों के लिए यहां भंडारण व ढुलाई संबंधी बुनियादी ढांचा उत्पादन की तुलना में अपर्याप्त है।
रोज इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के दाम बढ़ रहे दाम
सामान्य तौर पर काम आने वाली सब्जियों के दाम बढ़ने से भी महिलाओं को अपना बजट एडजस्ट करने में परेशानी हो रही है। टमाटर, प्याज, आलू जैसे सामान्य सब्जियों के भाव भी दम छू रहे हैं। हालांकि, यह सब्जियां किसी भी सब्जी को बनाने में काम में आती हैं। गर्मियों के समय में सलाद के रूप में भी टमाटर और प्याज को अधिक खाया जाता है। इसमें इनकी खपत सबसे ज्यादा होती है। लेकिन दोनों के भाव में भी तेजी है इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। इस समय गर्मी के साथ-साथ शादियों का सीजन भी चल रहा है। जिसके चलते सब्जियों की अच्छी डिमांड हो रही है, साथ ही दाम भी कम हो रहे हैं। इसका सीधा असर सब्जियों के दामों पर भी पड़ रहा है।