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वाराणसी: प्रशासन ने जय गुरुदेव के दूसरे धड़े का सत्संग कार्यक्रम रद्द कर उखाड़े टेंट-तंबू
अमर उजाला ब्यूरो/ चोलापुर (वाराणसी)
Updated Wed, 19 Oct 2016 02:37 AM IST
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पंकज बाबा के शक्ति प्रदर्शन के बाद फजीहत में फंसे प्रशासन ने जय गुरुदेव अनुयायियों के दूसरे धड़े के सत्संग के लिए लगाए गए टेंट को मंगलवार को उखड़वा दिया। अल्लोपुर गांव में सत्संग स्थल पर पहुंची पुलिस ने बैनर-पोस्टर उतरवा दिए। यहां जय गुरुदेव के उत्तराधिकार के लिए ताकत दिखाने वाले दूसरे शिष्य बाबा उमाकांत तिवारी का 23 अक्तूबर को सत्संग प्रस्तावित था।
टेंट हटाने और पोस्टर-बैनर उतरवाए जाने के बाद बाद सत्संग के आयोजक गोपाल दीक्षित ने कहा कि डोमरी-कटेसर में पंकज बाबा के सत्संग के लिए निकाली गई शाकाहार-सदाचार जनजागरण शोभायात्रा में इतने बड़े हादसे के बाद भी उनका सत्संग भारी पुलिस बल की तैनाती में प्रशासन ने कराया तो बाबा उमाकांत के सत्संग पर रोक किन परिस्थितियों में लगाई गई, यह समझ में नहीं आ रहा। प्रशासन के निर्देश का सम्मान करते हुए उन्होंने आयोजन रोक दिया है।
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद की ओर से उमाकांत तिवारी के सत्संग पर रोक लगाए जाने के बाद सीओ पिंडरा एपी सिंह मंगलवार सुबह 10 बजे ही अल्लोपुर गांव पहुंच गए। चोलापुर के थाना प्रभारी एके सिंह ने सत्संग स्थल पर बैठकर टेंट, पोस्टर-बैनर उतरवाया। यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। इसी दौरान गुरुदेव के अनुयायियों ने भंडारा भी किया।
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आयोजन की तैयारी के लिए जुटाए जा रहे खाद्य रसद, बर्तन, चारपाई, कुर्सियां, रजाई, गद्दे, सभी समेट कर वाहनों पर लदवाए गए। इस सामान को इलाहाबाद, सोनभद्र और बनारस के अनुयायी अपने साथ ले गए। सेवादारों को सामान के साथ रवाना करने के बाद ही पुलिस वहां से रवाना हुई। शाम तीन बजे सीओ पिंडरा ने दोबारा सत्संग स्थल का मुआयना किया।
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टेंट हटाने और पोस्टर-बैनर उतरवाए जाने के बाद बाद सत्संग के आयोजक गोपाल दीक्षित ने कहा कि डोमरी-कटेसर में पंकज बाबा के सत्संग के लिए निकाली गई शाकाहार-सदाचार जनजागरण शोभायात्रा में इतने बड़े हादसे के बाद भी उनका सत्संग भारी पुलिस बल की तैनाती में प्रशासन ने कराया तो बाबा उमाकांत के सत्संग पर रोक किन परिस्थितियों में लगाई गई, यह समझ में नहीं आ रहा। प्रशासन के निर्देश का सम्मान करते हुए उन्होंने आयोजन रोक दिया है।
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जिलाधिकारी विजय किरन आनंद की ओर से उमाकांत तिवारी के सत्संग पर रोक लगाए जाने के बाद सीओ पिंडरा एपी सिंह मंगलवार सुबह 10 बजे ही अल्लोपुर गांव पहुंच गए। चोलापुर के थाना प्रभारी एके सिंह ने सत्संग स्थल पर बैठकर टेंट, पोस्टर-बैनर उतरवाया। यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। इसी दौरान गुरुदेव के अनुयायियों ने भंडारा भी किया।
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आयोजन की तैयारी के लिए जुटाए जा रहे खाद्य रसद, बर्तन, चारपाई, कुर्सियां, रजाई, गद्दे, सभी समेट कर वाहनों पर लदवाए गए। इस सामान को इलाहाबाद, सोनभद्र और बनारस के अनुयायी अपने साथ ले गए। सेवादारों को सामान के साथ रवाना करने के बाद ही पुलिस वहां से रवाना हुई। शाम तीन बजे सीओ पिंडरा ने दोबारा सत्संग स्थल का मुआयना किया।
तैयारियों पर ही खर्च हो गए एक लाख
जय गुरुदेव के अनुयायी पंकज बाबा
- फोटो : अमर उजाला
आयोजकों ने बताया कि दो अक्तूबर से देश के विभिन्न स्थानों पर बाबा उमाकांत तिवारी का सत्संग चल रहा है। इसी क्रम में यूपी में 16 स्थानों पर सत्संग होना है। अल्लोपुर में 11 वां सत्संग होना था। आयोजकों ने कहा कि वह प्रशासन से आग्रह करेंगे कि उन्हें गाजीपुर रोज पर रजवाड़ी या चांदमारी के निकट कहीं बाबा के पड़ाव डालने की अनुमति दे दी जाए, ताकि उनके अनुयायी उनका सेवा-सत्कार कर सकें।
तैयारियों पर ही खर्च हो गए एक लाख
बाबा जय गुरुदेव धर्म विकास संस्था की ओर से अल्लोपुर गांव में बाबा उमाकांत तिवारी के प्रस्तावित सत्संग की तैयारियों पर एक लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए हैं। व्यवस्थापक राम प्रकाश द्विवेदी और गोपाल दीक्षित प्रशासन की ओर से सत्संग पर रोक लगाए जाने से मर्माहत हैं। आयोजक गोपाल दीक्षित ने बीते 12 दिन से अपने धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए अनुयायी लगे थे। दो दिन से तैयारी के तहत गांव में भंडारे का कार्यक्रम चल रहा था। सत्संग के लिए 20 बीघे से अधिक जमीन की भूमि समतलीकरण कराई गई थी।
वाराणसी के डीएम, विजय किरन आनंद ने बताया, 'सूचना मिली थी कि बाबा उमाकांत तिवारी सत्संग के बहाने शक्ति प्रदर्शन करना चाहते हैं। कार्यक्रम स्थल पर ज्यादा लोगों के बैठने की जगह नहीं थी। इन्हीं कारणों से पूर्व में दी गई अनुमति रद्द कर दी गई।'
तैयारियों पर ही खर्च हो गए एक लाख
बाबा जय गुरुदेव धर्म विकास संस्था की ओर से अल्लोपुर गांव में बाबा उमाकांत तिवारी के प्रस्तावित सत्संग की तैयारियों पर एक लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए हैं। व्यवस्थापक राम प्रकाश द्विवेदी और गोपाल दीक्षित प्रशासन की ओर से सत्संग पर रोक लगाए जाने से मर्माहत हैं। आयोजक गोपाल दीक्षित ने बीते 12 दिन से अपने धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए अनुयायी लगे थे। दो दिन से तैयारी के तहत गांव में भंडारे का कार्यक्रम चल रहा था। सत्संग के लिए 20 बीघे से अधिक जमीन की भूमि समतलीकरण कराई गई थी।
वाराणसी के डीएम, विजय किरन आनंद ने बताया, 'सूचना मिली थी कि बाबा उमाकांत तिवारी सत्संग के बहाने शक्ति प्रदर्शन करना चाहते हैं। कार्यक्रम स्थल पर ज्यादा लोगों के बैठने की जगह नहीं थी। इन्हीं कारणों से पूर्व में दी गई अनुमति रद्द कर दी गई।'