फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Uttarakhand in turmoil: Former Chief Minister Trivendra singh rawat supporters was planning to celebrate successfully completion of 4 years of Uttarakhand Government

उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की एक हसरत जो अधूरी रह गई...

Wed, 10 Mar 2021 11:19 AM IST
Harendra Chaudhary आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 10 Mar 2021 11:19 AM IST
सार

  • 18 मार्च को चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर थी जश्न मानने की तैयारी
  • एनडी तिवारी के अलावा कोई और मुख्यमंत्री नहीं कर पाया है पूरा कार्यकाल
  • इस मौके पर राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाने की पूरी रूप रेखा थी तैयार

विज्ञापन
Uttarakhand in turmoil: Former Chief Minister Trivendra singh rawat supporters was planning to celebrate successfully completion of 4 years of Uttarakhand Government
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की एक हसरत थी जो अब नहीं पूरी हो सकती। यह हसरत थी रावत को बतौर मुख्यमंत्री चार साल पूरा करने और इस उपलब्धि का जश्न मनाने की। दरअसल उत्तराखंड में नारायण दत्त तिवारी के बाद में इतना लंबा कार्यकाल किसी और मुख्यमंत्री का नहीं हुआ था। यही वजह थी कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के चाहने वालों ने रावत से अनुमति लेकर 18 मार्च को देहरादून से लेकर प्रदेश के कई अन्य जिलों में "सफलता के चार साल" का जश्न मनाने की तैयारियां कर रखी थीं। जिसमें राज्य सरकार की योजनाओं को प्रमुखता से और बतौर सीएम चार साल पूरा करने पर जश्न मनाया जाना था। इस जश्न के माध्यम से रावत भी अपनी ही पार्टी के राजनैतिक प्रतिद्वंदियों को संदेश भी देना चाहते थे।

विज्ञापन


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहले भी कई बार कहा था कि वह अपना पांच साल का पूरा कार्यकाल करेंगे। क्योंकि रावत को भी अंदाजा था कि उत्तराखंड में कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता है। अब जब चुनाव को महज एक साल बचा था, तो रावत को इस बात की पूरी उम्मीद थी कि बहुत बड़ा कोई फेरबदल नहीं होने वाला है। इसलिए बचा हुआ एक साल ऐसे ही सफलता से कट जाएगा। यही वजह थी कि रावत चाहते थे कि उनके चार साल के कार्यकाल को सफलता के साथ जोड़ा जाए और जश्न मने। हालांकि इस जश्न के मनाने की पूरी रूप रेखा राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाने जैसे तमाम कार्यक्रमों के तौर पर सजाई गई थी।
विज्ञापन


उत्तराखंड से भाजपा के एक नेता ने बताया कि वह 18 मार्च को जश्न की तैयारियों में जुटे थे। जश्न मनाने की प्रमुख वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि एक तो त्रिवेंद्र सिंह रावत भारतीय जनता पार्टी के ऐसे इकलौते मुख्यमंत्री बनने वाले थे, जो चार साल का कार्यकाल पूरा कर लेते लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। उक्त नेता ने कहा कि अब सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इससे पहले भी कई मौकों पर कहा था कि वह पांच साल का अपना पूरा कार्यकाल करेंगे। उन्होंने भाजपा के आलाकमान पर भरोसा जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और राज्य सरकार के माध्यम से लोगों की भलाई के लिए जो काम होने हैं, वह सरकार द्वारा सतत प्रयास के माध्यम से किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड भाजपा के कद्दावर नेता ने बताया कि नंदप्रयाग घाट सड़क के आंदोलनकारियों पर लाठी चार्ज और गैरसैंण को अलग मंडल के तौर पर बनाने का फैसला भी रावत को सत्ता के प्रमुख पद से दूर लेकर चला गया। इसके अलावा रावत सरकार में ब्यूरोक्रेसी नेताओं से ज्यादा हावी रही। नतीजतन न तो नेताओं की ज्यादा सुनी गई और न ही आम जनता की। इस बात की शिकायत लगातार भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने दिल्ली में आलाकमान से की। सूत्रों का कहना है दिल्ली में बैठे भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को इस बारे में पहले भी आगाह किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed