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उत्तराखंड के जंगल में आग का असर, यूपी की तरफ बढ़ रहे हाथी-तेंदुए

Mon, 02 May 2016 05:55 AM IST
पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मुरादाबाद
पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Mon, 02 May 2016 05:55 AM IST
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Uttarakhand Fire Empact animals cross UP.
- फोटो : AmarUjala
उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग से घबराए वन्य जीव सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकल रहे हैं। कार्बेट पार्क तक आग पहुंच गई है। लिहाजा इस पार्क से सटे उत्तर प्रदेश के अमानगढ़ और नजीबाबाद वन प्रभाग में हाथी और तेंदुओं का मूवमेंट बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। वन विभाग ने आसपास के गांवों में भी चौकसी बढ़ा दी है। कार्बेट पार्क प्रशासन ने यूपी के जिलों को अलर्ट किया है।
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जंगलों में पिछले सात दिनों से लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। दहशत में आए जंगली जानवर सुरक्षित ठिकाने के लिए दौड़ रहे हैं। क्योंकि उत्तराखंड के जंगल उत्तर प्रदेश के कई जंगलों से सटे हुए हैं लिहाजा इन जंगलों में हाथी-तेंदुए के साथ दूसरे जंगली जानवरों के पहुंचने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही है। कुछ जगहों से तो पुष्टि भी होने लगी है।
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कालागढ़ के आसपास जानवरों का मूवमेंट अचानक बढ़ रहा है। मुरादाबाद मंडल में ही उत्तराखंड के जंगलों से सटे वन्य क्षेत्र में सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर, नजीबाबाद वन प्रभाग नजीबाबाद, सामाजिक वानिकी प्रभाग रामपुर और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व हैं। इन क्षेत्रों में पहले भी उत्तराखंड वन्य क्षेत्र से जंगली जानवर यहां आते रहते हैं लेकिन आग लगने के बाद इधर की तरफ यह बढ़ रहे हैं।
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पेट भरने को भी छोड़ेंगे जंगल

Uttarakhand Fire Empact animals cross UP.

भारत सरकार में प्रोजेक्ट टाइगर के पूर्व निदेशक डा. आरएन सिंह का कहना है कि जब जंगलों में आग लगती है तो शाकाहारी जानवरों के सामने सबसे बड़ा संकट खड़ा हो जाता है। हिरन घास के लिए जंगल से बाहर निकलेगा। क्योंकि तेंदुए का प्रिय शिकार हिरन ही होता है लिहाजा हिरन के पीछे पीछे तेंदुए भी आ जाएगा। ऐसे में आबादी की तरफ भी तेंदुए बढ़ सकते हैं। हाथी भी जंगलों से निकलकर खेतों की तरफ कूच कर सकते हैं। क्योंकि अब इनके सामने भी चारे की किल्लत खड़ी हो जाएगी। जब तक बरसात नहीं हो जाएगी अब तब तक जंगल में चारे का संकट रहेगा। ऐसे में नदियों के किनारे और खेतों के आसपास इनकी मौजूदगी बढ़ना तय माना जा रहा है।

सभी वन चौकियों का अलर्ट कर दिया है
वन संरक्षक कमलेश कुमार का कहना है कि उत्तर प्रदेश के जो भी जंगल हैं वह उत्तराखंड के जंगलों से सटे हैं। लिहाजा आग लग जाने के बाद जंगली जानवरों का मूवमेंट इधर की साइड होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके लिए वन चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। हर मूवमेंट की निगहबानी हो रही है। कंट्रोल रूम शुरू कर दिया गया है। कार्बेट पार्क प्रशासन से भी तालमेल किया जा रहा है। ताकि अगर जानवरों के मूवमेंट की खबर मिले तो तत्काल पता चल सके।    
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