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सहारनपुर के दलितों के भीतर धधक रही आग फिर भड़कने के आसार

Mon, 04 Dec 2017 08:12 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 04 Dec 2017 08:12 PM IST
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Uttar Pradesh: dalit violence again In Saharanpur
फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में इसी साल पांच मई 2017 को दलितों के घर को आग के हवाले कर दिए गया था। इसके बाद पूरे क्षेत्र में दलित बनाम ठाकुरों का संघर्ष छिड़ गया था। एक बार फिर दलितों के सीने में इसको लेकर धधक रही आग ने आंदोलन का संकेत देना शुरू कर दिया है।

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पांच दिसंबर को कई दलित संगठन अशोक भारती के नेतृत्व में  आंध्र प्रदेश भवन में राष्ट्रीय दलित महासभा कर रहे हैं। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शब्बीरपुर गांव के दलितों को न्याय दिलाने के साथ-साथ भीम आर्मी के संस्थापक चंद्र शेखर रावण, शिव कुमार प्रधान, सोनू समेत अन्य की जेल से रिहाई की आवाज को बुलंद करना है। 
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सूत्र बताते हैं कि इस सम्मेलन में 15 राज्यों के दलित नेता हिस्सा ले रहे हैं। इनमें महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, हरियाणा, दिल्ली के लोग शामिल होंगे। सम्मेलन में चंद्र शेखर रावण की मां को भी लाए जाने की योजना है। 

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दलित संगठनों की राय- यूपी सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए दलितों को जेल में ठूंस दिया

Uttar Pradesh: dalit violence again In Saharanpur
फाइल फोटो - फोटो : amar ujala bureau

इस दौरान चंद्र शेखर की मां के साथ भूख हड़ताल पर बैठने वाली 20 दलित महिलाओं के भी आने की उम्मीद है। इसे पूरे देश में दलितों के उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज बुलंद करने के रूप में देखा जा रहा है। समझा जा रहा है कि इस सम्मेलन में दलित संगठन भावी आंदोलन की रूपरेखा बनाकर अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं।

गौरतलब है कि पांच मई 2017 को सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में ठाकुर जाति के लोगों ने महाराणा प्रताप की जयंती मनाने के क्रम में दलितों के घरों में आग लगा दी थी। इस घटना ने बाद में संघर्ष का रूप ले लिया था और इसके चलते करीब तीन महीने तक क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। 

कई गिरफ्तारियां भी हुईं और काफी दिनों तक कर्फ्यू  जैसे हालात बने रहे। दलित संगठनों का मानना है कि इस संदर्भ में यूपी सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए दलितों को न्याय देने की बजाय उनके नेताओं को जेल में ठूंस दिया। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर, प्रधान शिवकुमार और सोनू पर रासुका लगा दी।  

इस बारे में राष्ट्रीय दलित महासभा के संस्थापक अशोक भारती अंबेडकर का कहना है कि यदि सरकार ने हमारे साथ न्याय नहीं किया तो आगे हम बड़ी लड़ाई छेड़ेंगे। अशोक भारती का कहना है कि दलितों को कमजोर समझकर उनका उत्पीडऩ बंद किया जाए, अन्यथा हम एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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