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No Money For Ferror: अमित शाह बोले- कट्टरपंथ फैलाने के लिए डार्कनेट का इस्तेमाल कर रहे आतंकवादी
Fri, 18 Nov 2022 03:55 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 18 Nov 2022 03:55 PM IST
सार
केंद्रीय गृहमंत्री ने तीसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 'नो मनी फॉर टेटर' को संबोधित करते हुए कहा, सुरक्षा ढांचे और वित्तीय व्यवस्था में प्रगति के बावजूद आतंकवादी युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आर्थिक संसाधन जुटाने के नए तरीके ढूंढ रहे हैं।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि कट्टरपंथी सामग्री फैलाने के लिए आतंकवादी डार्कनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे क्रिप्टोकरंसी के उपयोग में वृद्धि देखी गई है। शाह ने कहा कि डार्कटनेट पैटर्न का समाधान ढूंढने की आवश्यकता है।
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शाह ने आगे कहा, सुरक्षा ढांचे और वित्तीय व्यवस्था में प्रगति के बावजूद आतंकवादी युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आर्थिक संसाधन जुटाने के नए तरीके ढूंढ रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री यहां तीसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 'नो मनी फॉर टेटर' को संबोधित कर रहे थे।
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केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, हमारा मानना है कि आतंकवाद के खतरे को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता या समूह से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है और न ही जोड़ा जाना चाहिए। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए हमने सुरक्षा ढांचे और कानूनी व वित्तीय प्रणालियों को मजबूत करने में अहम प्रगति की है। इसके बावजूद आतंकवादी, हिंसा करने व युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने के लगातार नए तरीके खोज रहे हैं।
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उन्होंने आगे कहा, आतंकवादी कट्टरपंथी सामग्री को फैलाने और अपनी पहचान को छिपाने के लिए डार्कनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा क्रिप्टोकरंसी जैसी आभासी संपत्ति के इस्तेमाल में वृद्धि हुई है। जरूरी है कि इन डार्कनेट गतिविधियों के पैटर्न को समझा जाए और उसका समाधान ढूंढा जाए।
शाह ने कहा कि हमारे सामने आभासी संपत्ति एक नई चुनौती है। आतंकवादियों द्वारा वित्तीय लेनदेन के लिए के नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आभासी संपत्ति के चैनलों, फंडिंग के ढांचों और डार्कनेट के इस्तेमाल पर नकेल कसने के लिए हमें सुंसंगत रूप से काम करने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री ने उन देशों का नाम लिए बगैर निशाना साधा, जो आतंकवाद से लड़के के सामूहिक संकल्प में बाधा डालना चाहते हैं। शाह ने कहा, दुर्भाग्य से ऐसे देश हैं जो आतंकवाद से लड़ने के हमारे सामूहिक संकल्प को कमजोर करना चाहते हैं, बाधा डालना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, हमने देखा है कि कुछ देश आतंकियों की रक्षा करते हैं और उन्हें शरण देते हैं, एक आतंकवादी की रक्षा करना आतंकवाद को बढ़ावा देने के बराबर है। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी होगी कि इस तरह के तत्व कभी अपने मंसूबों में कामयाब न हों।
उन्होंने आगे कहा आतंकवादी और आतंकी समूह आधुनिक हथियारों और सूचना प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) की बारीकियों और साइबर व वित्तीय क्षेत्र की गतिशीलता को बहुत अच्छी तरह समझते हैं और उनका इस्तेमाल करते हैं।