डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी को किया फोन, मालदीव समेत कई मुद्दों पर हुई बातचीत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। व्हाइट हाऊस प्रवक्ता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इंडो पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि के लिए साथ-साथ काम करने पर सहमति जताई। दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई
US President Donald Trump spoke with PM Narendra Modi. The leaders pledged to continue working together to enhance security & prosperity in the Indo-Pacific region: White House
— ANI (@ANI) 9 February 2018विज्ञापन
व्हाइट हाउस की तरफ से एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की साउथ एशिया रणनीति का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की सुरक्षा और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देशों के सुप्रीमो ने मालदीव में आई राजनीतिक अस्थिरता पर चिंता व्यक्त करते हुए, वहां के लोकतांत्रिक संस्थानों और कानूनी नियमों पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं का मानना है कि मालदीव में कानून का शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू होना चाहिए। व्हाइट हाउस ने ये भी कहा कि दोनों नेताओं ने साथ मिलकर इंडो-पैसिफिक रीजन में सिक्युरिटी और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
मोदी और ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया को लेकर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस विश्व को परमाणु मुक्त बनाने के लिए अप्रैल में मंत्रीलेवल वार्ता पर सहमति जताई। मोदी ने ट्रम्प को भरोसा दिलाया कि नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए पर्याप्त कोशिशों की जाएंगी।
Affirming Pres Trump’s South Asia strategy, they reiterated their commitment to supporting Afghanistan’s security&stability. Both leaders expressed concern about the political crisis in Maldives & the importance of respect for democratic institutions and rule of law: White House
— ANI (@ANI) 9 February 2018
दोनों नेताओं की बातचीत का मुख्य मुद्दा दक्षिण एशिया में सुरक्षा व्यवस्था और शांति स्थापित करने का भी रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच म्यांमार के रोहिंग्या मुद्दे पर बात हुई।गौरतलब है कि इस समय बांग्लादेश में करीब 680000 रोहिंग्या शरणार्थी मौजूद हैं, जिसका असर उसकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर भी बात की। अमेरिका ने कहा है कि रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए अभी म्यांमार लौटने का सही समय नहीं है।