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Mukesh Aghi: '25 वर्षों में बने अमेरिकी-भारत संबंध 25 घंटों में बिगड़ने लगे', टैरिफ नीति पर बोले USISPF प्रमुख
Tue, 02 Sep 2025 06:24 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 02 Sep 2025 06:24 PM IST
सार
भारत-अमेरिका रिश्तों पर हालिया तनाव बढ़ता जा रहा है। यूएसआईएसपीएफ प्रमुख मुकेश अघी ने ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर लगाए गए सेकेंडरी टैरिफ को अनावश्यक बताया और कहा कि 25 साल में बने रिश्ते 25 घंटे में खतरे में पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने परिपक्वता दिखाई है, जबकि ट्रंप के बयान रिश्तों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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मुकेश अघी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ता दिख रहा है। यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने अमेरिका के हालिया फैसलों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि बीते 25 वर्षों में जिस भरोसे और साझेदारी को दोनों देशों ने मिलकर बनाया था, वह सिर्फ 25 घंटों में बर्बाद हो रही है। अघी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों और बयानों को अनावश्यक बताया।
अघी ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए सेकेंडरी टैरिफ बिल्कुल भी जरूरी नहीं थे। यह कदम दोनों देशों के रिश्तों पर गहरा असर डाल रहा है। ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिससे भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों को नुकसान होगा, जबकि अमेरिकी कंपनियों का भारत में भरोसा अब भी मजबूत है।
भारत का परिपक्व रवैया
मुकेश अघी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर भारत ने संयम दिखाया है। ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कई विवादित बयान दिए थे, जिनमें उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से अमेरिका पर बेहद ऊंचे टैरिफ लगाता आया है। लेकिन भारत ने इन बयानों पर कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। अघी ने कहा कि भारत ने हमेशा राष्ट्रहित में परिपक्वता से फैसले लिए हैं और आगे भी लेता रहेगा।
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25 घंटे में बिगड़े रिश्ते- मुकेश अघी
अघी ने साफ कहा कि पिछले 25 वर्षों की मेहनत 25 घंटों में बर्बाद हो रही है। उन्होंने अमेरिकी सरकार से अपील की कि रिश्तों को कमजोर करने वाले कदम न उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ही एक-दूसरे की जरूरत हैं। अमेरिका के व्यापारिक नेताओं का रुख भारत के प्रति अभी भी सकारात्मक है और वे निवेश जारी रखे हुए हैं।
ट्रंप के दावे और विवाद
ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि भारत ने टैरिफ घटाकर शून्य करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन यह देर से किया गया कदम है। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से अमेरिका पर सबसे ऊंचे टैरिफ लगाता आया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को भारत में व्यापार करने में मुश्किल होती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत रूस से ज्यादा तेल और हथियार खरीदता है, जबकि अमेरिका से बहुत कम खरीदता है। उनका कहना था कि भारत-अमेरिका का रिश्ता “एकतरफा आपदा” जैसा रहा है।
ये भी पढ़ें- 'बाल्टियों में भर लें पानी...बाढ़ अल्लाह की रहमत', पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की बेतुकी सलाह
व्यापार और राजनीतिक तनाव
ट्रंप ने जुलाई में भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इसके बाद 27 अगस्त से भारतीय तेल आयात पर 25 प्रतिशत सेकेंडरी टैरिफ और भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया गया। इससे दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर नकारात्मक असर पड़ा है। मुकेश अघी ने कहा कि व्यापार को लेकर तनाव दोनों देशों को नुकसान पहुंचा रहा है।
अमेरिकी कंपनियों का भरोसा कायम
अघी ने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद अमेरिकी कंपनियों का विश्वास भारत पर बना हुआ है। अमेरिकी सीईओ भारत में निवेश धीमा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भरोसा, विश्वास और आत्मविश्वास भारत की ओर बरकरार है। यह भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।
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अघी ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए सेकेंडरी टैरिफ बिल्कुल भी जरूरी नहीं थे। यह कदम दोनों देशों के रिश्तों पर गहरा असर डाल रहा है। ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिससे भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों को नुकसान होगा, जबकि अमेरिकी कंपनियों का भारत में भरोसा अब भी मजबूत है।
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भारत का परिपक्व रवैया
मुकेश अघी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर भारत ने संयम दिखाया है। ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कई विवादित बयान दिए थे, जिनमें उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से अमेरिका पर बेहद ऊंचे टैरिफ लगाता आया है। लेकिन भारत ने इन बयानों पर कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। अघी ने कहा कि भारत ने हमेशा राष्ट्रहित में परिपक्वता से फैसले लिए हैं और आगे भी लेता रहेगा।
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25 घंटे में बिगड़े रिश्ते- मुकेश अघी
अघी ने साफ कहा कि पिछले 25 वर्षों की मेहनत 25 घंटों में बर्बाद हो रही है। उन्होंने अमेरिकी सरकार से अपील की कि रिश्तों को कमजोर करने वाले कदम न उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ही एक-दूसरे की जरूरत हैं। अमेरिका के व्यापारिक नेताओं का रुख भारत के प्रति अभी भी सकारात्मक है और वे निवेश जारी रखे हुए हैं।
ट्रंप के दावे और विवाद
ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि भारत ने टैरिफ घटाकर शून्य करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन यह देर से किया गया कदम है। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से अमेरिका पर सबसे ऊंचे टैरिफ लगाता आया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को भारत में व्यापार करने में मुश्किल होती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत रूस से ज्यादा तेल और हथियार खरीदता है, जबकि अमेरिका से बहुत कम खरीदता है। उनका कहना था कि भारत-अमेरिका का रिश्ता “एकतरफा आपदा” जैसा रहा है।
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व्यापार और राजनीतिक तनाव
ट्रंप ने जुलाई में भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इसके बाद 27 अगस्त से भारतीय तेल आयात पर 25 प्रतिशत सेकेंडरी टैरिफ और भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया गया। इससे दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर नकारात्मक असर पड़ा है। मुकेश अघी ने कहा कि व्यापार को लेकर तनाव दोनों देशों को नुकसान पहुंचा रहा है।
अमेरिकी कंपनियों का भरोसा कायम
अघी ने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद अमेरिकी कंपनियों का विश्वास भारत पर बना हुआ है। अमेरिकी सीईओ भारत में निवेश धीमा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भरोसा, विश्वास और आत्मविश्वास भारत की ओर बरकरार है। यह भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।