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उर्जित पटेल ने आरबीआई गवर्नर का पद भार संभाला
एजेंसी/ मुंबई
Updated Tue, 06 Sep 2016 12:35 AM IST
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उर्जित पटेल
- फोटो : getty
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि उर्जित पटेल ने चार सितंबर 2016 को आरबीआई के नए गवर्नर का पदभार संभाल लिया है। वह जनवरी 2013 से अब तक आरबीआई के डिप्टी गवर्नर थे। डिप्टी गवर्नर के रूप में तीन साल का कार्यकाल पूरा करने ने के बाद उन्हें 11 जनवरी 2016 को फिर से डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 24वें गवर्नर का पदभार संभालने वाले उर्जित पटेल के सामने अपने पूर्ववर्ती रघुराम राजन की विरासत को संभालने और महंगाई तथा विकास के बीच संतुलन साधने की कठिन चुनौती है। कुल 20-25 अरब डॉलर का रिडेंप्शन सुनिश्चित करना, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सोच से तालमेल बिठाना और बैंकों के बैलेंस शीट दुरुस्त करना भी उनके सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों में से है।
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पटेल ने येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एमफिल और लंदन विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई की है।
कई अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं पटेल
आरबीआई के बयान के मुताबिक डिप्टी गवर्नर के रूप में पटेल ने ‘एक्सपर्ट कमेटी टू रिवाइज एंड स्ट्रेंदेन द मॉनेटरी पॉलिसी फ्रेमवर्क’ की अध्यक्षता कर चुके हैं। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच अंतर-सरकारी संधि और इंटर-सेंट्रल बैंक एग्रीमेंट पर वार्ता आगे बढ़ाने अंतत: हस्ताक्षर होने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किया, जिसके कारण ब्रिक्स देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच कंटिंजेंट रिजर्व अरेंजमेंट की स्थापना हुई।
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आईएमएफ से भी जुड़े रहे हैं पटेल
उर्जित पटेल
- फोटो : file photo
आरबीआई के मुताबिक पटेल ने आईएमएफ में भी सेवा दी है।1996-97 में आईएमएफ से आरबीआई में डेपुटेशन पर थे। इस दौरान उन्होंने डेट बाजार, बैंकिंग सुधार, पेंशन सुधार और विदेशी एक्सचेंज बाजार के विकास पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। वह 1998-2001 के बीच वित्त मंत्रालय के सलाहकार थे। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईडीएफसी लिमिटेड, एमसीएक्स और गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कारपोरेशन में भी योगदान किया है।
डॉ. पटेल केंद्र और राज्य सरकार की कई उच्चस्थ कमेटियों में रह चुके हैं। इनमें प्रमुख हैं प्रत्यक्ष कर पर कार्यबल, असैन्य एवं सैन्य सेवा पेंशन प्रणाली की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय विशेष समूह, इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रधानमंत्री के कार्यसमूह, नागरिक उड्डयन सुधार पर कमेटी और राज्य बिजली बोर्डों पर बिजली मंत्रालय का विशेषज्ञ समूह।
''उनका पहला काम मौद्रिक नीति समिति के साथ सही तालमेल बनाते हुए महंगाई दर का लक्ष्य हासिल करना होगा। खाद्य महंगाई दर घटाना भी उनकी प्रमुख चुनौतियों में से होगी। यह देखना है कि यदि खाद्य महंगाई फिर बढ़ती है, तो वे क्या तरीका अपनाते हैं।'' - राजीव कुमार, सीनियर फेलो, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च
डॉ. पटेल केंद्र और राज्य सरकार की कई उच्चस्थ कमेटियों में रह चुके हैं। इनमें प्रमुख हैं प्रत्यक्ष कर पर कार्यबल, असैन्य एवं सैन्य सेवा पेंशन प्रणाली की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय विशेष समूह, इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रधानमंत्री के कार्यसमूह, नागरिक उड्डयन सुधार पर कमेटी और राज्य बिजली बोर्डों पर बिजली मंत्रालय का विशेषज्ञ समूह।
''उनका पहला काम मौद्रिक नीति समिति के साथ सही तालमेल बनाते हुए महंगाई दर का लक्ष्य हासिल करना होगा। खाद्य महंगाई दर घटाना भी उनकी प्रमुख चुनौतियों में से होगी। यह देखना है कि यदि खाद्य महंगाई फिर बढ़ती है, तो वे क्या तरीका अपनाते हैं।'' - राजीव कुमार, सीनियर फेलो, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च