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कौन था सबसे कठोर सजा पाने वाला स्वतंत्रता सेनानी?: जवाब पर केरल में मचा सियासी बवाल, मंत्री ने तलब की रिपोर्ट

Sat, 08 Aug 2026 12:48 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 08 Aug 2026 12:48 PM IST
सार

केरल में एक स्कूल क्विज में पूछे गए एक सवाल को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस सवाल में कथित तौर पर हिंदुत्व विचारक वी.डी. सावरकर की तारीफ की गई थी। वामपंथी छात्र संगठनों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF सरकार पर 'संघ परिवार के एजेंडे का साथ देने' का आरोप लगाया है।  

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Uproar Kerala school after Savarkar described as freedom fighter who received harshest punishment seeks report
वीर सावरकर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरल के कासरगोड जिले में निचली प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए आयोजित 'फ्रीडम क्विज' में वी.डी. सावरकर से जुड़े एक सवाल को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सवाल में सावरकर को उस स्वतंत्रता सेनानी के रूप में बताया गया, जिसे अंग्रेजों से सबसे कठोर सजा मिली थी। वामपंथी छात्र संगठनों SFI और DYFI ने इस सवाल को लेकर UDF सरकार और उसकी सहयोगी IUML पर संघ परिवार के एजेंडे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। विवाद बढ़ने के बाद सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सामान्य शिक्षा निदेशक से कुंबला और मंजेश्वरम उप-जिलों के स्कूलों में आयोजित क्विज़ को लेकर रिपोर्ट मांगी है।

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क्या था सावरकर से जुड़ा विवादित सवाल?
शिक्षा विभाग की ओर से निचली प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए आयोजित 'फ्रीडम क्विज' के लिए तैयार किए गए इस विवादित सवाल में पूछा गया था, 'वह कौन सा स्वतंत्रता सेनानी था, जिसे अंग्रेजों से सबसे कठोर सजा मिली थी?' इसका जवाब वी.डी. सावरकर बताया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, सोशल साइंस क्लब एसोसिएशन के प्रभारी शिक्षकों ने यह प्रश्नावली तैयार की थी।
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सावरकर को स्वतंत्रता सेनानी बताए जाने पर क्यों मचा बवाल?
विवाद तब शुरू हुआ, जब वामपंथी छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि सवाल में सावरकर को एक स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर पेश किया गया। सावरकर एक हिंदुत्व विचारक थे और महात्मा गांधी की हत्या की साजिश के मामले में आरोपी भी थे।
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SFI ने UDF सरकार और IUML पर क्या आरोप लगाया?
विपक्षी CPI(M) के छात्र संगठन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने आरोप लगाया कि UDF सरकार और सत्ताधारी UDF की अहम सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) देश की आजादी की लड़ाई में संघ परिवार की भूमिका दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

SFI के राज्य सचिव पी.एस. संजीव ने क्या कहा?
SFI के राज्य सचिव पी.एस. संजीव ने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'केरल में UDF सरकार के तहत, और IUML के पास सामान्य शिक्षा विभाग होने के कारण, संघ परिवार के लिए भूमिका बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसने आजादी की लड़ाई के साथ धोखा किया था।'  उन्होंने आरोप लगाया कि कासरगोड जिले में छात्रों के लिए आयोजित एक क्विज़ में 'गांधी की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता' को स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर पेश किया गया।

IUML को लेकर SFI नेता ने क्या कहा?
संजीव ने आरोप लगाया, 'PM SHRI मुद्दे से ही लीग का संघ-विरोधी रुख एक धोखा साबित हो गया। लीग न तो संघ-विरोधी है और न ही उसका कोई स्टैंड है। उनके पास सिर्फ कारोबारी हित और सत्ता की भूख है।' 

DYFI नेता के. सानोज ने सरकार पर क्या निशाना साधा?
मट्टन्नूर के विधायक और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के राज्य सचिव के. सानोज ने भी फेसबुक पोस्ट के जरिए इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की। सानोज ने कहा,'स्कूल क्विज में सावरकर की तारीफ करने वाला एक सवाल पूछा गया है। इसमें कोई शक नहीं है-बस आगे बढ़िए और इसे सही ठहराइए।'


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'वंदे मातरम' को लेकर भी क्यों घेरा सरकार को?
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने सरकार के उस कथित निर्देश की भी आलोचना की, जिसमें कहा गया था कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' पूरा गाया जाना चाहिए।

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