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यूपी: प्रचार में कौन रहा नंबर वन और कौन गया पिछड़
प्रदीप कुमार / बीबीसी संवाददाता
Updated Thu, 09 Mar 2017 11:08 AM IST
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आखिरी चरण के मतदान के साथ ही 11 फरवरी से शुरू हुआ उत्तर प्रदेश का चुनावी घमासान अब खत्म हो चुका है। करीब 27 दिन तक चले चुनावों में नेताओं ने कितनी मेहनत की, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में लगातार तीन दिन तक चुनावी रैलियां करते रहे।
बनारस में रोड शो और चुनावी सभाएं करने के साथ जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने घर-घर जाकर लोगों से वोट मांगे हैं, वैसा उदाहरण किसी प्रधानमंत्री के लिए इससे पहले नहीं दिखा है।लेकिन प्रधानमंत्री ने यूपी चुनाव में अपना सबकुछ झोंक दिया हो, ऐसा उत्तर प्रदेश के सात चरणों के चुनावी प्रचार से जाहिर नहीं होता है।
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बनारस में रोड शो और चुनावी सभाएं करने के साथ जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने घर-घर जाकर लोगों से वोट मांगे हैं, वैसा उदाहरण किसी प्रधानमंत्री के लिए इससे पहले नहीं दिखा है।लेकिन प्रधानमंत्री ने यूपी चुनाव में अपना सबकुछ झोंक दिया हो, ऐसा उत्तर प्रदेश के सात चरणों के चुनावी प्रचार से जाहिर नहीं होता है।
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मोर्चे पर पीएम
चार फरवरी को मेरठ में चुनावी सभा करने के साथ नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में चुनावी अभियान की शुरुआत की और कुल 23 चुनावी सभाओं को उन्होंने संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने 11 जिलों में एक-एक सभाएं कीं, वहीं छह जिलों में उन्होंने दो-दो चुनावी सभा को संबोधित किया।
मोदी ने उत्तर प्रदेश की 403 सीटों की तुलना में महज 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में 36 चुनावी सभाएं की थीं, लेकिन वहां उनकी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। वैसे उत्तर प्रदेश के चुनावी समर में सबसे ज्यादा चुनावी सभाएं राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कीं।
मोदी ने उत्तर प्रदेश की 403 सीटों की तुलना में महज 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में 36 चुनावी सभाएं की थीं, लेकिन वहां उनकी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। वैसे उत्तर प्रदेश के चुनावी समर में सबसे ज्यादा चुनावी सभाएं राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कीं।
रैलियों का रेला
उन्होंने 24 जनवरी, 2017 को सुल्तानपुर से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की। 36 दिनों तक चुनावी प्रचार में अखिलेश ने 221 चुनावी सभाओं को संबोधित किया, औसतन हर दिन करीब छह सभाओं को उन्होंने संबोधित किया।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन की ओर से लखनऊ, इलाहाबाद और वाराणसी में रोड शो भी किया। इतनी चुनावी सभा इस बार के चुनाव में किसी ने नहीं की, लेकिन अखिलेश अपने पिता मुलायम सिंह के 2012 के 300 चुनावी रैलियों के करीब तक नहीं पहुंच पाए।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन की ओर से लखनऊ, इलाहाबाद और वाराणसी में रोड शो भी किया। इतनी चुनावी सभा इस बार के चुनाव में किसी ने नहीं की, लेकिन अखिलेश अपने पिता मुलायम सिंह के 2012 के 300 चुनावी रैलियों के करीब तक नहीं पहुंच पाए।
स्टार प्रचारक
मुलायम सिंह ने इस बार समाजवादी पार्टी के लिए महज चार चुनावी सभाओं को संबोधित किया। समाजवादी पार्टी की ओर से इस बार स्टार प्रचारक अखिलेश यादव की पत्नी और कन्नौज से पार्टी की सांसद डिंपल यादव साबित हुईं।
उन्होंने वाराणसी के रोड शो में अखिलेश और राहुल गांधी का साथ देने के अलावा कुल 33 चुनावी सभाएं कीं।राज्य में चुनावी सभा करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या 150 चुनावी सभा के साथ दूसरे नंबर पर रहे।
उन्होंने वाराणसी के रोड शो में अखिलेश और राहुल गांधी का साथ देने के अलावा कुल 33 चुनावी सभाएं कीं।राज्य में चुनावी सभा करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या 150 चुनावी सभा के साथ दूसरे नंबर पर रहे।
चुनावी सभाएं
वहीं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पूरे राज्य में 100 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। उत्तर प्रदेश से आने वाले और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी 90 चुनावी सभाओं को संबोधित किया, जबकि योगी आदित्यनाथ ने भी 75 से ज्यादा चुनावी रैलियों में हिस्सा लिया।
प्रचार के लिहाज से मायावती भी बहुजन समाज पार्टी की ओर से इकलौती स्टार प्रचारक थीं और उन्होंने पूरे राज्य में कुल 52 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। एक दो दिन को अपवाद मान लें तो मायावती ने औसतन हर दिन दो सभाओं को संबोधित किया।
प्रचार के लिहाज से मायावती भी बहुजन समाज पार्टी की ओर से इकलौती स्टार प्रचारक थीं और उन्होंने पूरे राज्य में कुल 52 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। एक दो दिन को अपवाद मान लें तो मायावती ने औसतन हर दिन दो सभाओं को संबोधित किया।
रोड शो
कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लखनऊ, इलाहाबाद और वाराणसी में अखिलेश के साथ रोड शो करने के अलावा कुल 45 जन सभाओं को संबोधित किया। पार्टी की ओर से सबसे ज्यादा 65 चुनावी सभाएं, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने की।
राज्य के प्रभारी और राज्यसभा में पार्टी के नेता गुलाम नबी आजाद ने कुल 45 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। हालांकि चुनावी समर शुरू होने से पहले माना जा रहा था कि प्रियंका गांधी समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन की ओर से स्टार प्रचारक होंगी, लेकिन उन्होंने महज दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया।
राज्य के प्रभारी और राज्यसभा में पार्टी के नेता गुलाम नबी आजाद ने कुल 45 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। हालांकि चुनावी समर शुरू होने से पहले माना जा रहा था कि प्रियंका गांधी समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन की ओर से स्टार प्रचारक होंगी, लेकिन उन्होंने महज दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया।
वेस्ट यूपी
इस चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा था, लिहाजा अजित सिंह ने काफी चुनाव प्रचार किया और पूरे राज्य में उन्होंने कुल 96 चुनावी सभाओं को संबोधित किया, जिसमें 42 चुनावी सभाएं उन्होंने अपने गढ़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कीं।
बहरहाल, अब सबकी नजरें अब 11 मार्च को आने वाले चुनावी नतीजों पर टिक गई हैं, उसी दिन ये तय होगा कि किसकी मेहनत रंग लाई और किसका जादू फीका पड़ा है।
बहरहाल, अब सबकी नजरें अब 11 मार्च को आने वाले चुनावी नतीजों पर टिक गई हैं, उसी दिन ये तय होगा कि किसकी मेहनत रंग लाई और किसका जादू फीका पड़ा है।