फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   UP Government will not prosecute the yogi adityanth in Gorakhpur riots case

गोरखपुर दंगे में योगी पर मुकदमा नहीं चलाएगी सरकार

Fri, 12 May 2017 11:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 12 May 2017 11:50 AM IST
विज्ञापन
UP Government will not prosecute the yogi adityanth in Gorakhpur riots case
योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ प्रदेश सरकार 2007 के गोरखपुर दंगे में मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देगी। महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को दो जजों की पीठ के समक्ष बताया कि प्रमुख सचिव गृह ने प्रदेश के विधि परामर्शी से सलाह करने के  बाद अभियोजन स्वीकृति देने की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट के आदेश पर मुख्य सचिव सहित कई आला अधिकारी सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित हुए।
विज्ञापन


गोरखपुर के परवेज परवाज ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर गोरखपुर दंगे की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने तथा मुख्यमंत्री सहित अन्य आरोपियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने की मांग की है। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति यूसी श्रीवास्तव की पीठ सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन


कोर्ट ने याची को संशोधित याचिका दाखिल कर अभियोजन स्वीकृति से इंकार करने के आदेश को चुनौती देने के लिए दस दिन की मोहलत दी है। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे पर याची को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। प्रदेश सरकार को भी पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। मुख्य सचिव को अगली सुनवाई पर पेश होने से छूट दे दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याची का आरोप है कि गोरखपुर दंगे में कोर्ट के आदेश से योगी आदित्यनाथ, मेयर मंजू चौधरी और विधायक राधामोहन अग्रवाल आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी। याची की आपत्ति पर मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई। याचिका में मांग की गई कि मुख्यमंत्री योगी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति दी जाए। महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि तीन मई को प्रमुख सचिव गृह ने अभियोजन स्वीकृति देने से इंकार कर दिया है इसलिए याचिका अर्थहीन हो गई है।


कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव राहुल भटनागर के अलावा विधि परामर्शी रंगनाथ पांडेय, प्रमुख सचिव गृह डीके पंडा, तथा अन्य तमाम अधिकारी मौजूद थे। याचिका पर महाधिवक्ता के साथ कार्यवाहक शासकीय अधिवक्ता विमलेंदु त्रिपाठी, एके संड और याची की ओर से अधिवक्ता एसएफए नकवी ने पक्ष रखा। याचिका पर सात जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed