आरपीएन सिंह की बगावत का असरः कांग्रेस के पडरौना उम्मीदवार मनीष जायसवाल ने दिया इस्तीफा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरपीएन सिंह के भाजपा में आने से पडरौना के कई समीकरण उलट-पलट हो सकते हैं।
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आरपीएन सिंह के कांग्रेस छोड़ने का असर सामने आने लगा है। उनके करीबी माने जाने वाले मनीष जायसवाल ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मनीष जायसवाल को कांग्रेस पार्टी ने पडरौना से उम्मीदवार बनाया था। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को लिखे त्यागपत्र में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने से भी इनकार कर दिया है। इसके साथ ही कुशीनगर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने भी पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है। माना जा रहा है कि आगे आने वाले दिनों में आरपीएन सिंह के कई और समर्थक कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इसे स्वामी प्रसाद मौर्या के सामने पिछड़ी जाति के सैंथवार वोटों पर भाजपा की सेंध करार दिया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरपीएन सिंह के भाजपा में आने से पडरौना के कई समीकरण उलट-पलट हो सकते हैं। मनीष जायसवाल को पडरौना की सीट से भाजपा का उम्मीदवार बनाया जा सकता है, वहीं कुशीनगर से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे राजकुमार सिंह को कुशीनगर की दूसरी सीट से मैदान में उतारा जा सकता है। इससे भाजपा के वर्तमान स्थानीय नेताओं में खलबली भी मच गई है।
मनीष सिंह आरपीएन सिंह के करीबी माने जाते रहे हैं। उनकी पृष्ठभूमि भी राजनीतिक रही है। उनके पिता मुन्ना जायसवाल पडरौना नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष रहे हैं। उनकी मां शिवकुमारी देवी भी पडरौना नगरपालिका की दो बार अध्यक्ष रह चुकी हैं। पिछली बार वे भाजपा समर्थित उम्मीदवार विनय जायसवाल से चुनाव हार गई थीं।
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की आरपीएन सिंह से बेहद करीबी संबंध रहे हैं। आरपीएन सिंह के करीबी होने के नाते मनीष जायसवाल भी उनके बेहद करीब हो गए थे, लेकिन आरपीएन सिंह के पाला बदलने से मनीष जायसवाल ने भी अपना खेमा बदल लिया है और अब भाजपाई खेमे से ताल ठोंकते हुए नजर आ सकते हैं।