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UP Election 2022: रैलियों-जनसभाओं पर पाबंदी, यूपी में पार्टियां कैसे कर रहीं वर्चुअल प्रचार की तैयारी
Sat, 08 Jan 2022 07:21 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Sat, 08 Jan 2022 07:21 PM IST
सार
प्रत्यक्ष प्रचार में भावनाओं का प्रवाह होता है, जनता का उत्साह, शोर, नारे और तालियां माहौल को चुनावी रंग में घोल देते हैं। नेताओं की उपस्थिति का असर प्रचार पर पड़ता है, लेकिन इस बार पार्टियां चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का पालन करने को मजबूर हैं।
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा
- फोटो : एएनआई
विस्तार
चुनाव आयोग ने शनिवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है। पांचों राज्यों में चुनाव सात चरणों में होंगे। इन राज्यों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होंगे और 10 मार्च को नतीजे आएंगे। यूपी की 403 सीटों में सात चरणों में मतदान है। मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा और सात मार्च तक चलेगा। कोरोना महामारी के कारण चुनाव आयोग ने कोरोना गाइडलाइन बनाया है जिसका पालन करना सभी राजनीतिक दल और प्रत्याशियों के लिए जरूरी है।
रोड शो, रैली और जनसभाओं पर रोक
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने राजनीतिक दलों को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल और वर्चुअल प्रचार करने का सुझाव दिया है। आयोग ने 15 जनवरी तक रोड शो, साइकिल यात्रा, पदयात्रा, बाइक रैली, नुक्कड़ नाटक, रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगाई है। चुनाव विश्लेषक मानते हैं कि रैलियों या जनसभाओं का जो परंपरागत तरीका है उसमें नेता जनता के सामने होते हैं और ये स्विंग वोटर्स को अपने पाले में करने का एक प्रभावी तरीका होता है, लेकिन इस बार नेता और जनता दोनों इस बात को मिस करेंगे।
कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि एक विशाल, हलचल भरी जनसभा किसी उम्मीदवार की उज्ज्वल संभावनाओं का संकेत नहीं है, इसलिए वर्चुअल रैलियां सिर्फ कोरोना काल का ही नहीं भविष्य का भी बेहतर विकल्प है। ऐसे में सवाल है कि क्या यूपी में राजनीतिक पार्टियां वर्चुअल रैली या प्रचार के लिए तैयार हैं?
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रोड शो, रैली और जनसभाओं पर रोक
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने राजनीतिक दलों को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल और वर्चुअल प्रचार करने का सुझाव दिया है। आयोग ने 15 जनवरी तक रोड शो, साइकिल यात्रा, पदयात्रा, बाइक रैली, नुक्कड़ नाटक, रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगाई है। चुनाव विश्लेषक मानते हैं कि रैलियों या जनसभाओं का जो परंपरागत तरीका है उसमें नेता जनता के सामने होते हैं और ये स्विंग वोटर्स को अपने पाले में करने का एक प्रभावी तरीका होता है, लेकिन इस बार नेता और जनता दोनों इस बात को मिस करेंगे।
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कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि एक विशाल, हलचल भरी जनसभा किसी उम्मीदवार की उज्ज्वल संभावनाओं का संकेत नहीं है, इसलिए वर्चुअल रैलियां सिर्फ कोरोना काल का ही नहीं भविष्य का भी बेहतर विकल्प है। ऐसे में सवाल है कि क्या यूपी में राजनीतिक पार्टियां वर्चुअल रैली या प्रचार के लिए तैयार हैं?
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वर्चुअल रैली को संबोधित किया (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
भाजपा कर सकती है 100 वर्चुअल रैलियां
कोरोना के मामले लगातार जिस तरह बढ़ रहे हैं उससे यूपी के लगभग तमाम सियासी दलों को इस बात का अंदेशा था कि चुनाव आयोग रैलियों और जनसभाओं पर पाबंदी लगा सकता है। लिहाजा मायूसी के बावजूद पार्टियों ने अपनी प्रचार रणनीति में बदलाव किया है और वर्चुअल चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा चुनाव के हर चरण के लिए 100 वर्चुअल रैलियों की योजना बना रही है।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने पिछले कुछ दिनों पहले पार्टी की यूपी से डिजिटल रणनीति पर चर्चा की है। पार्टी की योजना 3डी स्टूडियो मैक्स तकनीक का उपयोग करने की है जो विभिन्न स्थानों पर बैठे नेताओं को एक आभासी मंच पर होने का एहसास कराएगी, जहां से वे सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा के एक नेता का कहना है कि सिर्फ यूपी ही क्यों पांचों राज्यों में ताबड़तोड़ वर्चुअल रैली करेंगे।
केंद्रीय मंत्री और पंजाब के भाजपा चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने मीडिया को दिए अपन एक बयान में कहा 'भाजपा वर्चुअल रैली के लिए तैयार है। हमने पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भी वर्चुअल रैलियां की थीं।'
कोरोना के मामले लगातार जिस तरह बढ़ रहे हैं उससे यूपी के लगभग तमाम सियासी दलों को इस बात का अंदेशा था कि चुनाव आयोग रैलियों और जनसभाओं पर पाबंदी लगा सकता है। लिहाजा मायूसी के बावजूद पार्टियों ने अपनी प्रचार रणनीति में बदलाव किया है और वर्चुअल चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा चुनाव के हर चरण के लिए 100 वर्चुअल रैलियों की योजना बना रही है।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने पिछले कुछ दिनों पहले पार्टी की यूपी से डिजिटल रणनीति पर चर्चा की है। पार्टी की योजना 3डी स्टूडियो मैक्स तकनीक का उपयोग करने की है जो विभिन्न स्थानों पर बैठे नेताओं को एक आभासी मंच पर होने का एहसास कराएगी, जहां से वे सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा के एक नेता का कहना है कि सिर्फ यूपी ही क्यों पांचों राज्यों में ताबड़तोड़ वर्चुअल रैली करेंगे।
केंद्रीय मंत्री और पंजाब के भाजपा चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने मीडिया को दिए अपन एक बयान में कहा 'भाजपा वर्चुअल रैली के लिए तैयार है। हमने पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भी वर्चुअल रैलियां की थीं।'
रैली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी।
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस
कांग्रेस पहली पार्टी ने जिसने कोरोना के बढ़ते मामले के बीच सबसे पहले अपनी सभी बड़ी रैलियों और भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा दी। कांग्रेस भी मौजूदा हालात को देखते हुए नए तरीके से अपने प्रचार रणनीति पर काम कर रही है। कांग्रेस ने 'प्रियंका के साथ लाइव' कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, एक फेसबुक लाइव सत्र आयोजित किया जाएगा, जहां यूपी के प्रभारी कांग्रेस महासचिव 30 मिनट के सत्र में लोगों से बातचीत करेंगे। इसके बाद वर्चुअल टाउनहॉल कार्यक्रम भी होगा। आयोग ने डोर-टू-डोर कैंपेन में महज पांच लोगों को शामिल होने की मंजूरी दी है। पार्टी इतने ही लोगों के साथ कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजने की तैयारी कर रही है।
सपा
सपा ने भी अन्य पार्टियों की तरह वर्चुअल रैली की तैयारी कर ली है। सपा भी अखिलेश यादव की रैलियों के लिए उन्नत तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी कर रही है। कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सक्रिय कर दिया गया है।
कांग्रेस पहली पार्टी ने जिसने कोरोना के बढ़ते मामले के बीच सबसे पहले अपनी सभी बड़ी रैलियों और भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा दी। कांग्रेस भी मौजूदा हालात को देखते हुए नए तरीके से अपने प्रचार रणनीति पर काम कर रही है। कांग्रेस ने 'प्रियंका के साथ लाइव' कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, एक फेसबुक लाइव सत्र आयोजित किया जाएगा, जहां यूपी के प्रभारी कांग्रेस महासचिव 30 मिनट के सत्र में लोगों से बातचीत करेंगे। इसके बाद वर्चुअल टाउनहॉल कार्यक्रम भी होगा। आयोग ने डोर-टू-डोर कैंपेन में महज पांच लोगों को शामिल होने की मंजूरी दी है। पार्टी इतने ही लोगों के साथ कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजने की तैयारी कर रही है।
सपा
सपा ने भी अन्य पार्टियों की तरह वर्चुअल रैली की तैयारी कर ली है। सपा भी अखिलेश यादव की रैलियों के लिए उन्नत तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी कर रही है। कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सक्रिय कर दिया गया है।
फेसबुक
- फोटो : Social Media
सोशल मीडिया टीम सक्रिय
सभी पार्टियों की सोशल मीडिया सेल भी काफी सक्रिय हो गई है। सभी पार्टियों के वॉर रूम लखनऊ में है जहां उनकी टीम फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर जनता का समर्थन जुटा रही है। भाजपा और कांग्रेस की केंद्रीय टीम वार रूम को सहयोग देती है। कांग्रेस सूत्रों ने कहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा की सोशल मीडिया टीम का मुकाबला करने के लिए 100 वॉर रूम बनाने की योजना बना रही है। सबसे हाईटेक वार रूम भाजपा का माना जाता है, लेकिन लगभग सभी पार्टियों ने डिजिटल मीडिया पर आक्रामक चुनाव प्रचार की तैयारी कर ली है।
सभी पार्टियों की सोशल मीडिया सेल भी काफी सक्रिय हो गई है। सभी पार्टियों के वॉर रूम लखनऊ में है जहां उनकी टीम फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर जनता का समर्थन जुटा रही है। भाजपा और कांग्रेस की केंद्रीय टीम वार रूम को सहयोग देती है। कांग्रेस सूत्रों ने कहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा की सोशल मीडिया टीम का मुकाबला करने के लिए 100 वॉर रूम बनाने की योजना बना रही है। सबसे हाईटेक वार रूम भाजपा का माना जाता है, लेकिन लगभग सभी पार्टियों ने डिजिटल मीडिया पर आक्रामक चुनाव प्रचार की तैयारी कर ली है।