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यूपी चुनाव : आज इन बड़े चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर
amarujala.com: विक्रान्त सिंह
Updated Sat, 04 Mar 2017 07:47 AM IST
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यूपी में छठे चरण के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार शाम प्रचार थम गया। इस चरण में पूर्वांचल के सात जिलों महराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ एवं बलिया जिले की 49 विधानसभा सीटों के लिए मतदान चार मार्च को होगा। छठे चरण के इस चुनाव में कई बड़े प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। आइए डालते हैं इन चेहरों पर एक निगाह-
मुख्तार अंसारी
यूं तो मऊ जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा-भासपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन और बसपा के बीच कांटे की टक्कर है, पर मुख्तार फैक्टर मुकाबले को थोड़ा दिलचस्प बना रहा है।
मऊ जिले की सदर सीट पर मुख्य लड़ाई बसपा के प्रत्याशी और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी, सपा के अल्ताफ अंसारी और भाजपा और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (भासपा) गठबंधन के महेंद्र राजभर के बीच है। मुख्तार 1996 से यहां से लगातार चार बार विधायक चुने जा चुके हैं।
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अमनमणि त्रिपाठी
नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जिले की नौतनवां विधानसभा सीट सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे और पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी के मैदान में होने से सुर्खियों में है। पूर्वांचल की यह सीट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां अमनमणि और सपा प्रत्याशी कुंवर कौशल किशोर सिंह उर्फ मुन्ना के बीच की सियासी जंग दोनों प्रतिद्वंदी परिवारों का भविष्य तय करने वाली साबित होगी।
स्वामी प्रसाद मौर्य
बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा ने पडरौना सीट से प्रत्याशी बनाया है। पडरौना से भाजपा से बागी परशुराम मिश्र मौर्य के सामने निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। तो वहीं बसपा और कॉग्रेस से जावाद इकवाल और शिव कुमार देवी चुनावी मैदान में है।
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मुख्तार अंसारी
यूं तो मऊ जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा-भासपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन और बसपा के बीच कांटे की टक्कर है, पर मुख्तार फैक्टर मुकाबले को थोड़ा दिलचस्प बना रहा है।
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मऊ जिले की सदर सीट पर मुख्य लड़ाई बसपा के प्रत्याशी और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी, सपा के अल्ताफ अंसारी और भाजपा और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (भासपा) गठबंधन के महेंद्र राजभर के बीच है। मुख्तार 1996 से यहां से लगातार चार बार विधायक चुने जा चुके हैं।
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अमनमणि त्रिपाठी
नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जिले की नौतनवां विधानसभा सीट सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे और पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी के मैदान में होने से सुर्खियों में है। पूर्वांचल की यह सीट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां अमनमणि और सपा प्रत्याशी कुंवर कौशल किशोर सिंह उर्फ मुन्ना के बीच की सियासी जंग दोनों प्रतिद्वंदी परिवारों का भविष्य तय करने वाली साबित होगी।
स्वामी प्रसाद मौर्य
बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा ने पडरौना सीट से प्रत्याशी बनाया है। पडरौना से भाजपा से बागी परशुराम मिश्र मौर्य के सामने निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। तो वहीं बसपा और कॉग्रेस से जावाद इकवाल और शिव कुमार देवी चुनावी मैदान में है।
ये दिग्गज भी है चुनावी मैदान में
अंबिका चौधरी
अंबिका चौधरी
बलिया जिले की फेफना विधानसभा सीट से अंबिका चौधरी इस बार बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह इस सीट पर पिछले दो दशक से अधिक समय से चुनाव लड़ रहे हैं, जिसमें लगातार चार बार विधायक भी रहे हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन में फेफना विस सीट से प्रत्याशी संग्राम सिंह यादव ताल ठोंक रहे हैं, जो चिलकहर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह भी पिछले दो दशक से अधिक समय से राजनीति कर रहे हैं।
नारद राय
बलिया विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी नारद राय चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। वह करीब तीन दशक से चुनावी राजनीति में सक्रिय हैं और कई बार चुनाव लड़े तथा जीते भी हैं। दूसरी बार इस सीट से विधायक चुने गए नारद राय को कुछ साल बाद कैबिनेट में जगह मिली, उसके कुछ ही दिन बाद यहां नगर पालिका के टेंडर प्रकरण में इनकी कुर्सी चली गई। इसके कुछ माह बाद ही पुन: सरकार में मंत्री परिषद में जगह मिली। लेकिन पार्टी में अंदरुनी कलह के कारण उन्हें दूसरी बार मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा।
बलिया जिले की फेफना विधानसभा सीट से अंबिका चौधरी इस बार बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह इस सीट पर पिछले दो दशक से अधिक समय से चुनाव लड़ रहे हैं, जिसमें लगातार चार बार विधायक भी रहे हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन में फेफना विस सीट से प्रत्याशी संग्राम सिंह यादव ताल ठोंक रहे हैं, जो चिलकहर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह भी पिछले दो दशक से अधिक समय से राजनीति कर रहे हैं।
नारद राय
बलिया विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी नारद राय चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। वह करीब तीन दशक से चुनावी राजनीति में सक्रिय हैं और कई बार चुनाव लड़े तथा जीते भी हैं। दूसरी बार इस सीट से विधायक चुने गए नारद राय को कुछ साल बाद कैबिनेट में जगह मिली, उसके कुछ ही दिन बाद यहां नगर पालिका के टेंडर प्रकरण में इनकी कुर्सी चली गई। इसके कुछ माह बाद ही पुन: सरकार में मंत्री परिषद में जगह मिली। लेकिन पार्टी में अंदरुनी कलह के कारण उन्हें दूसरी बार मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा।
सपा के गढ़ आजमगढ़ में किला बचाना बना चुनौती
दुर्गा प्रसाद यादव
दुर्गा प्रसाद यादव
सपा सरकार में मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव आजमगढ़ जिले की सदर सीट से दोबारा सपा टिकट के चुनाव पर लड़ रहें हैं। सपा सरकार में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले दुर्गा प्रसाद यादव की प्रतिष्ठा इस चुनाव में दांव पर लगी है। दुर्गा प्रसाद यादव के खिलाफ भाजपा के अखिलेश मिश्र गुड्डू तो बसपा से भूपिंद्र सिंह ताल ठोंक रहें हैं।
राम गोविंद चौधरी
राम गोविंद चौधरी, बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हैं। रामगोविंद चौधरी करीब तीन दशक से चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार फिर चुनाव मैदान में उतरकर जीत की हुंकार भर रहे हैं।
गणेश शंकर पांडेय
पूर्व विधान परिषद सदस्य, गणेश शंकर पांडेय इस बार महारजगंज जिले की पनियरा विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी हैं।
सपा सरकार में मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव आजमगढ़ जिले की सदर सीट से दोबारा सपा टिकट के चुनाव पर लड़ रहें हैं। सपा सरकार में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले दुर्गा प्रसाद यादव की प्रतिष्ठा इस चुनाव में दांव पर लगी है। दुर्गा प्रसाद यादव के खिलाफ भाजपा के अखिलेश मिश्र गुड्डू तो बसपा से भूपिंद्र सिंह ताल ठोंक रहें हैं।
राम गोविंद चौधरी
राम गोविंद चौधरी, बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हैं। रामगोविंद चौधरी करीब तीन दशक से चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार फिर चुनाव मैदान में उतरकर जीत की हुंकार भर रहे हैं।
गणेश शंकर पांडेय
पूर्व विधान परिषद सदस्य, गणेश शंकर पांडेय इस बार महारजगंज जिले की पनियरा विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी हैं।