UP Congress: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष पर अपने ही कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का आरोप, खाबरी ने किया इनकार
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। राज्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए बृजलाल खाबरी को अध्यक्ष बनाकर लाया गया था। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद थी कि उनके नेतृत्व में पार्टी उत्तर प्रदेश की सियासत में मजबूत हो सकेगी। लेकिन उनका अपने ही कार्यकर्ताओं से विवाद बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि 13 मार्च को यूपी के राजभवन पर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपने ही कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया। इससे कार्यकर्ताओं में उनके प्रति नाराजगी बढ़ गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है।
दरअसल, 13 मार्च को कांग्रेस ने पूरे देश में भाजपा की सरकारों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करने का प्लान बनाया था। प्रदर्शन में केंद्र सरकार की नीतियों के साथ-साथ केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का मामला उठाना था। तय रणनीति के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सभी राज्यों में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के राजभवन पर भी जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन द्वारा की गई बैरिकेडिंग को तोड़कर जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कांग्रेस, एनएसयूआई और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भारी संख्या में इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता मोहम्मद शेख ने भी जोश में सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की और अन्य साथी कार्यकर्ताओं के साथ बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। आरोप है कि इसी प्रदर्शन में किसी बात पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी उनसे नाराज हो गए और उन पर हाथ उठा दिया। इससे कार्यकर्ताओं में उनके प्रति नाराजगी बढ़ गई। चर्चा है कि कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भी कर दी है।
खाबरी ने किया इनकार
जब इस समाचार की सत्यता जानने के लिए अमर उजाला ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी से संपर्क किया तो उन्होंने ऐसी किसी घटना के होने से स्पष्ट इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की योजना पूरी तरह अहिंसक प्रदर्शन करने की थी। किसी हिंसक घटना के होने पर प्रशासन को अनावश्यक हस्तक्षेप करने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि युवा कार्यकर्ताओं को अतिउत्साह में कुछ गलत करने से बचाने के लिए उन्होंने कुछ आवश्यक निर्देश दिए थे। लेकिन इसमें हिंसा होने जैसी किसी बात में कोई सच्चाई नहीं है।