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यूपी विधानसभा चुनाव 2022: कांग्रेस ने बिना स्क्रीनिंग 60 नेताओं को लड़ने की दी मंजूरी
Tue, 07 Sep 2021 02:47 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 07 Sep 2021 02:47 AM IST
सार
- पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह के नाम की घोषणा कार्यकर्ता सम्मेलन में हुई
- यूपी प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के निर्देश पर उम्मीदवारों पर फैसला
- पहली बार बिना स्क्रीनिंग कमेटी के उम्मीदवारों पर निर्णय
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यूपी प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांग्रेस अघोषित तौर पर अपने करीब 60 नेताओं को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरने की हरी झंडी दिखा चुकी है। यूपी प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के निर्देश पर अखिल भारतीय सचिव जमीनी हकीकत को देखते हुए उम्मीदवारों पर फैसला ले रहे हैं। पार्टी की संस्कृति में ऐसा पहली बार हो रहा है जब बिना स्क्रीनिंग कमेटी के सीधे उम्मीदवारों पर निर्णय लिया जा रहा है।
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इससे पहले भी उम्मीदवार तय किए जाने की खबरें आई थीं लेकिन संबंधित नेताओं ने ही इससे इनकार कर दिया था। सोमवार को प्रयागराज शहर उत्तरी सीट से पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह की उम्मीदवारी एलान किया गया। प्रभारी सचिव बाजीराव खांडे ने बाकायदा कार्यकर्ता सम्मेलन में उनके नाम की घोषणा की।
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ऐसा प्रियंका गांधी के निर्देश पर किया गया। सिंह इसी सीट से चार बार विधायक रहे हैं। करीब दो साल तक वह उत्तराखंड के प्रभारी भी रहे। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, पूर्व विधायक नदीम जावेद को भी चुनाव लड़ने के लिए कहा गया है।
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एक अन्य सचिव के मुताबिक, कुछ मौजूदा विधायकों, पूर्व विधायकों और अपने क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखने वाले करीब 60 नेताओं को चुनावी तैयारियों में जुटने को कह दिया गया है। बाकायदा इन विधानसभाओं में जमीनी सर्वे और महासचिव की संस्तुति के बाद ही हरी झंडी दी गई है। पार्टी जीत की संभावना और पुराने आधार पर ही उम्मीदवार उतार रही है।