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मोदी सरकार के इस कानून से दुनिया के चार कुख्यात हुए थे आतंकी घोषित, अमेरिका ने की थी सराहना

Thu, 26 Dec 2019 07:04 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 26 Dec 2019 07:04 PM IST
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unlawful activities (prevention) act 2019 declared four most wanted terrorists of india
Most wanted terrorists - फोटो : AmarUjala
साल 2019, मोदी सरकार के लिए कई मायनों में विशेष कहा जाएगा। इस साल एक झटके में कई अहम बिलों को पास करा लिया गया। इन्हीं में एक ऐसा बिल भी रहा, जिसकी मदद से मोदी सरकार ने दुनिया के चार कुख्यात लोगों को आतंकवादी घोषित कर दिया। एंटी टेरर बिल यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) विधेयक के पास होने के बाद यह संभव हो सका। इस कानून के जरिए भारत ने मौलाना मसूद अजहर, हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम को कुख्यात आतंकवादी घोषित कर दिया।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के दक्षिण तथा मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो में कार्यकारी उपमंत्री एलिस वेल्स ने ट्वीट के जरिए कहा था, 'हम भारत के साथ खड़े हैं। नए कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए इन चार कुख्यात लोगों को आतंकवादी घोषित किया जा सका। हम भारत की सराहना करते हैं। इस नए कानून ने आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत-अमेरिका के संयुक्त प्रयासों में नई संभावनाएं खोल दी हैं।

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अमित शाह ने किया था आतंकी यासीन भटकल का जिक्र 

बता दें कि अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) अमेंडमेंट बिल 2019 (यूएपीए) जुलाई माह के दौरान सदन में पेश किया गया। लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्यसभा ने भी पास कर दिया। बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने आतंकवाद के खिलाफ कड़े कानून की जरूरत पर जोर दिया था। इस बिल में संगठनों के साथ-साथ आतंकी गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों को भी आतंकी घोषित किए जाने का प्रावधान है।

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इस कानून की आवश्यकता पर बल देते हुए खुद गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में आतंकी यासीन भटकल का उदाहरण देते हुए कहा था कि एनआईए ने उसके संगठन इंडियन मुजाहिदीन को आतंकवादी संगठन घोषित किया था, मगर भटकल को आतंकवादी घोषित करने के लिए कानून में कोई प्रावधान नहीं था।

गृहमंत्री ने कहा कि इसी का फायदा उठाते हुए भटकल ने 12 आतंकी घटनाओं को अंजाम दे दिया। इस बिल पर लोकसभा में तीखी बहस हुई। संशोधित कानून के तहत अब केंद्र सरकार ऐसे संगठनों या व्यक्तियों को आतंकी संगठन या आतंकवादी घोषित कर सकती है, जो आतंकी कृत्यों को अंजाम देते हों या उनमें शामिल हों, आतंकवाद के लिए तैयारी कर रहे हों, आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हों और आतंकवाद में किसी भी तरह से शामिल रहे हों।

आतंकियों की संपत्तियां हो सकेंगी जब्त

नए आतंकवाद-विरोधी कानून के तहत आतंकी संगठनों की संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। इसके लिए जांच अधिकारी को संबंधित राज्य के डीजीपी की पूर्व अनुमति की जरूरत होगी। अगर मामले की जांच एनआईए का कोई अफसर कर रहा हो, तो संबंधित संपत्ति को जब्त करने के लिए संबंधित राज्य के डीजीपी की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए केवल एनआईए के महानिदेशक की मंजूरी ही काफी रहेगी।

मोदी सरकार ने इस बिल के जरिए आतंकियों को यह संदेश दिया था कि आतंकवाद पर वह जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी। गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून, 1967 में संशोधन किए जाने के एक महीने बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर कहा था कि मौलाना मसूद अजहर आतंकवाद में शामिल है। उक्त कानून के तहत मौलाना मसूद अज़हर को आतंकवादी के रूप में अधिसूचित किया जाता है। हाफिज सईद को वर्ष 2008 के दौरान मुंबई में हुए आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड, वर्ष 2001 में संसद पर हुए हमले और इसी साल पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार बताया गया है।

पाकिस्तान के साथ संबंध 'मुश्किल'

कानून पारित होने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, पाकिस्तान खुले तौर पर भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है। अगर इस्लामाबाद नई दिल्ली के साथ सहयोग करने के प्रति गंभीर है, तो उसे आतंकवादी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार उन लोगों को भारत को सौंप देना चाहिए, जो पाकिस्तान में रह रहे हैं। दोनों देशों के संबंधों पर उन्होंने कहा, 'कई वर्षों से यह संबंध मुश्किल भरे रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तान ने एक महत्वपूर्ण आतंकवादी उद्योग विकसित किया है।



वह हमले करने के लिए आतंकवादियों को भारत भेजता है। एस जयशंकर ने कहा, मुझे बताएं कि कौन सा देश ऐसे पड़ोसी के साथ बातचीत करने के लिए तैयार होगा, जो उसके खिलाफ खुलेआम आतंकवाद को बढ़ावा देता है। हमें ऐसी कार्रवाई की आवश्यकता है जो सहयोग करने की वास्तविक इच्छा प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा कि उदाहरण स्वरूप, विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों के लिए भारत के वांछित अपराधी पाकिस्तान में रह रहे हैं। हम पाकिस्तान से उन्हें सौंप देने को कह रहे हैं।

 

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