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Delimitation: परिसीमन को लेकर केटीआर के बयान पर केंद्रीय मंत्री रेड्डी का पलटवार, बोले- यह संवैधानिक प्रक्रिया

Thu, 01 Jun 2023 06:31 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 01 Jun 2023 06:31 PM IST
सार

हैदराबाद में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि 1970-80 के दशक में परिवार नियोजन कैंपेन पर दक्षिणी सहित कई विकसित राज्यों ने गंभीरता दिखाई। इस वजह से इन राज्यों में आबादी कम ही रह गई। उन्हें इस प्रकार से दंडित न किया जाए।

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Union Minister Reddy retaliated on KTR statement on delimitation said this is a constitutional process
जी किशन रेड्डी - फोटो : facebook.com/gkishanreddy

विस्तार

बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव के बयान पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि परिसीमन एक संवैधानिक काम है। परिसीमन कब किया जाएगा, अभी यह तय नहीं है। बता दें, तेलंगाना के कैबिनेट मंत्री केटीआर ने कहा था कि अगर परिसीमन किया जाता है तो यह दक्षिणी राज्यों के साथ भेदभाव होगा।

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हमने कोई नया कानून नहीं बनाया
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जी किशन रेड्डी ने कहा कि ससंद के नए भवन का निर्माण भविष्य की जरूरतों के हिसाब से किया जाना चाहिए। रेड्डी ने बताया कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है। यह कब होगा, हमें नहीं पता। भविष्य की जरूरतों के हिसाब से नए संसद के भवन का निर्माण किया गया है। हमने कोई नया कानून नहीं बनाया है। रेड्डी ने आगे कहा कि परिसीमन पीएम मोदी के कारण नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी साउथ के लोगों की बहुत इज्जत करते हैं। किसी दक्षिणी कवि या फिर दक्षिणी स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों को व्यक्त किए बिना अपने भाषण को खत्म नहीं करते हैं। केंद्र सरकार हमेशा दक्षिणी सरकारों का साथ देती है। दक्षिण के प्रतीक के रूप में सेंगोल स्थापित किया गया है।  

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उन्हें इस प्रकार से दंडित न किया जाए
हैदराबाद में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि 1970-80 के दशक में परिवार नियोजन कैंपेन पर दक्षिणी सहित कई विकसित राज्यों ने गंभीरता दिखाई। इस वजह से इन राज्यों में आबादी कम ही रह गई। जिन राज्यों ने आबादी नियंत्रण में बेहतर काम किया, उन्हें इस प्रकार से दंडित न किया जाए। उन्होंने कहा कि हमने आबादी नियंत्रित की, इस वजह से हमें दंडित करने के लिए संसद में हमारे प्रतिनिधित्व को कम किया जा रहा है। यह काफी बेतुका और खतरनाक है। 

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दक्षिणी राज्यों के साथ घोर अन्याय
केटीआर ने दक्षिण के अन्य नेताओं और जनता से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार के इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। केंद्र सरकार ने उन्होंने आग्रह किया है कि इस संबंध में लिए गए फैसले को वापस लिया जाए। केटीआर ने बुधवार को कहा था कि जनसंख्या के अनुसार परिसीमन कराना दक्षिणी राज्यों के साथ घोर अन्याय है। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केटीआर के बयानों का समर्थन किया है।  उन्होंने कहा कि आबादी नियंत्रित करने वाले राज्यों को आप इस तरीके से दंडित नहीं कर सकते। 

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