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केंद्रीय मंत्री सुप्रियो बोले- हमलावरों को ‘मानसिक इलाज’ की जरूरत, सड़कों पर उतरी भाजपा
Fri, 20 Sep 2019 08:54 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Gaurav Pandey
Updated Fri, 20 Sep 2019 08:54 PM IST
सार
- जादवपुर विश्वविद्यालय मामला : कई जगह सड़क जाम
- एबीवीपी और एसएफआई ने दर्ज कराई एक दूसरे पर प्राथमिकी
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केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (फाइल फोटो)
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विस्तार
जादवपुर यूनिवर्सिटी में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो से हुई मारपीट के खिलाफ भाजपा ने शुक्रवार को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन किया और कई जगह सड़क जाम की। पार्टी ने इस घटना के लिए वामदलों और तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ व आगजनी के लिए एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराते हुए वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई ने भी रैली निकाली। एबीवीपी और एसएफआई ने एक दूसरे के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।
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वरिष्ठ भाजपा नेता सयंतन बसु और राजू बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भाजपा कार्यालय से मध्य कोलकाता तक विरोध यात्रा निकाली। इस दौरान कार्यकर्ता पोस्टर और तख्तियां लिए थे। इसमें हमले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की गई थी।
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बसु ने कहा, यूनिवर्सिटी की घटना को माकपा और तृणमूल कांग्रेस ने मिलकर अंजाम दिया। दूसरी ओर, एसएफआई ने एबीवीपी की हिंसा व आगजनी के विरोध में विश्वविद्यालय गेट से रैली निकालकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस बीच, भाजपा नेता अग्निमित्रा पाल ने एसएफआई सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं, एसएफआई ने भी एबीवीपी सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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एबीवीपी द्वारा बृहस्पतिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने यूनिवर्सिटी गए बाबुल से एसएफआई, एएफएसयू, आइसा और तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन टीएमसीपी ने दुर्व्यवहार किया था। हमलावर छात्रों ने केंद्रीय मंत्री के बाल खींचे और मारपीट की।
उन्हें यूनिवर्सिटी कैंपस से निकलने नहीं दिया। इसकी सूचना मिलने पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ को जाना पड़ा था। उन्हें भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा। बड़ी मुश्किल से वह सुप्रियो को साथ लेकर वहां से निकले थे।
हमला करने वालों को मानसिक इलाज की जरूरत : सुप्रियो
इस बीच, घटना की तस्वीरें पोस्ट करते हुए बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट किया, इन कायरों को जादवपुर यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल नहीं करने दिया जाएगा। हम आपको तलाश लेंगे, चिंता मत करिए। आपके साथ वैसे पेश नहीं आया जाएगा जैसा आप मेरे साथ आए। आपका मानसिक इलाज कराएंगे ताकि आप और आपके गुंडे दोस्त विद्यार्थियों जैसा व्यवहार कर सकें। देखना है कि बिना उकसावे हमला करने वालों के खिलाफ ममता सरकार क्या कार्रवाई करती है।
शिक्षा मंत्री की टिप्पणी पर राज्यपाल नाराज
राज्यपाल धनखड़ ने शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के उस बयान पर नाराजगी जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि सीएम ममता बनर्जी के अनुरोध को दरकिनार कर बाबुल को बचाने राज्यपाल का यूनिवर्सिटी जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजभवन से जारी बयान में कहा गया कि राज्यपाल यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं।
उन्होंने यूनिवर्सिटी जाने से पहले मुख्य सचिव और डीजीपी से फोन पर बात की थी। मुख्यमंत्री से भी कई बार फोन पर बात की थी। वह वहां छात्रों के अभिभावक के तौर पर गए थे। उनका यूनिवर्सिटी जाना न्यायसंगत है। राज्यपाल ने वाइस चांसलर सुरंजन दास की भी खिंचाई की है।
उन्होंने कहा कि दास ने अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वाह नहीं किया। राज्यपाल के दौरे के समय सुरक्षा का पर्याप्त इंतजाम भी नहीं था। इन मुद्दों पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रियो की हत्या का इंतजार कर रही ममता सरकार : घोष
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि जादवपुर यूनिवर्सिटी राष्ट्र विरोधियों और वामपंथियों का गढ़ बन गया है। इसे खत्म करने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता बालाकोट की तर्ज पर सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे। उन्होंने कहा कि घटना के वक्त राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे बाबुल सुप्रियो की हत्या किए जाने का इंतजार कर रही थी। हम इस घटना की विस्तृत जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देंगे।
मंत्री के आक्रामक रवैये से बिगड़े हालात : जूटा
कोलकाता। जाधवपुर यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ (जूटा) ने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के आक्रामक तेवर के चलते हालात बिगड़ गए। जूटा ने कुलपति से सुप्रियो के बात करने के तरीके की भी आलोचना की और दावा किया कि उनके इस व्यवहार से पूरी यूनिवर्सिटी का अपमान हुआ है। जूटा ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ की भूमिका पर भी दुख जताया।
तोड़फोड़ करने वालों को सजा मिलेगी
जादवपुर यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ और छात्रों पर हमला करने वाले लोगों को सजा जरूर मिलेगी। यूनिवर्सिटी पहुंचकर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को निकालने वाले राज्यपाल जगदीप धनखड़ से उम्मीद है कि वह यूनिवर्सिटी के कुलपति, प्रोफेसरों और उन छात्रों से भी न्याय करेंगे जिन्हें सुप्रियो के समय और बाद में पीटा गया।
- पार्थ चटर्जी, शिक्षा मंत्री, पश्चिम बंगाल