स्वास्थ्य मंत्रालय: जारी हुई कोरोना मरीजों के डिस्चार्ज को लेकर नई गाइडलाइंस, टेस्टिंग को लेकर दिए गए ये निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, जिन राज्यों में कोरोना के बढ़ते केसों को लेकर चिंता जताई गई है, वहां संक्रमण दर काफी ज्यादा है जहां महाराष्ट्र में प्रति यह दर 22.39 फीसदी है, तो वहीं बंगाल में 32.18 फीसदी, दिल्ली में 23.1 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 4.47%।
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इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा के बाद मरीजों को डिस्चार्ज करने की नीति में भी बदलाव किया है। अब हल्के लक्षण वाले संक्रमितों को पॉजिटिव पाए जाने के सात दिन बाद डिस्चार्ज किया जा सकता है। इस दौरान अगर लगातार तीन दिन तक मरीज की स्थिति ठीक रहती है और उसे बुखार नहीं आता तो डिस्चार्ज के लिए टेस्टिंग की भी जरूरत नहीं होगी।
उधर मध्यम लक्षण वाले मरीजों में अगर सुधार दिखता है और उनका ऑक्सीजन सैचुरेशन स्तर बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के भी लगातार तीन दिन तक 93 फीसदी से ज्यादा रहता है, तो ऐसे मरीजों को डिस्चार्ज किया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, जिन राज्यों को लेकर चिंता जताई गई है, वहां संक्रमण दर काफी ज्यादा है जहां महाराष्ट्र में प्रति यह दर 22.39 फीसदी है, तो वहीं बंगाल में 32.18 फीसदी, दिल्ली में 23.1 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 4.47%। संयुक्त सचिव ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से जारी बयान का हवाला देते हुए कहा कि डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन काफी तेजी से फैल रहा है। दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, कनाडा और डेनमार्क के डेटा से साफ है कि ओमिक्रॉन से अस्पताल में भर्ती होने का खतरा डेल्टा की तुलना में कम है।
देश के 300 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण दर पांच फीसदी से ज्यादा
केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि भारत में करीब 300 जिलों में कोरोना की जांच में साप्ताहिक संक्रमण दर पांच फीसदी से ज्यादा है। सरकार ने लोगों से कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से होने वाले संक्रमण को सामान्य सर्दी-खांसी नहीं मानने और टीका लगवाने की अपील भी की। सरकार ने कहा कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल और गुजरात कोविड के मामलों में वृद्धि को देखते हुए चिंता वाले राज्यों के रूप में उभर रहे हैं।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि ओमिक्रॉन सामान्य सर्दी-खांसी नहीं है, इसे हल्के में नहीं ले सकते। हमें सतर्कता बरतने और टीका लगवाने की जरूरत हैं। हमें कोरोना अनुकूल व्यवहार अपनाते रहना होगा। हमारे कोविड बचाव कार्यक्रम में टीकाकरण एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से चुनावी रैलियों पर प्रतिबंध को बढ़ाने का सुझाव के सवाल पर लव अग्रवाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने जनसभा, रैलियों के बारे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आने वाले समय में कोरोना को लेकर जैसी स्थिति बनेगी, उसके लिहाज से चुनाव आयोग के साथ बात की जाएगी।