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दिमागी बुखार से बिहार में बिगड़े हालात, कल मुजफ्फरपुर जाएंगे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

Sat, 15 Jun 2019 03:36 PM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव द्विवेदी Updated Sat, 15 Jun 2019 03:36 PM IST
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Union Health Minister Dr Harsh Vardhan to visit Muzaffarpur tomorrow
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

बिहार में एक्यूट इंसिफेलाइटिस सिंड्रोम के बढ़ रहे प्रकोप के बीच स्थिति की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन कल मुजफ्फरपुर जाएंगे। बता दें कि इस बीमारी का सर्वाधिक असर मुजफ्फरपुर जिले में है। इस दिमागी बुखार की वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा 69 पहुंच गया है। जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर शैलेष प्रसाद सिंह ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि की है। वहीं इस बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।

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कहां-कहां है बीमारी का प्रकोप?

डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का प्रकोप उत्तरी बिहार के मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली जिले में सबसे ज्यादा है। अस्पताल पहुंचने वाले पीड़ित बच्चे इन्हीं जिलों से हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रभावित जिलों के सभी डॉक्टर्स और जिला प्रशासन ने पीड़ितों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं।
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क्या हैं लक्षण?

एक्यूट इंसिफेलाइटिस सिंड्रोम और जापानी इंसिफेलाइटिस को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। इससे पीड़ित बच्चों को तेज बुखार आता है और शरीर में ऐंठन होती है। इसके बाद बच्चे बेहोश हो जाते हैं। मरीज को उलटी आने और चिड़चिड़ेपन की शिकायत भी रहती है।
 

बीमारी अगर बढ़ जाए तो ये लक्षण नजर आते हैंः

-बिना किसी बात के भ्रम उत्पन्न होना।
-दिमाग संतुलित न रहना।
-पैरालाइज हो जाना।
-मांसपेशियों में कमजोरी
-बोलने और सुनने में समस्या
-बेहोशी आना।

श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी का कहना है कि इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक साल 2012 में इस बुखार से 120 बच्चों की मौत हुई थी।

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