Union Cabinet: दूरसंचार सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी पर कैबिनेट की मुहर; 5जी के प्रसार को मिलेगी मजबूती
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केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को 96,317.65 करोड़ रुपये के आधार मूल्य पर मोबाइल फोन सेवाओं के लिए आठ स्पेक्ट्रम बैंड में नीलामी को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। इससे 5जी के प्रसार को मजबूती मिलेगी। जिन आठ बैंडों की नीलामी की जाएगी उनमें 800, 900, 1800, 2100, 2300, 2500, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड शामिल हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने 12,343 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली रेलवे मंत्रालय की छह परियोजनाओं को मंजूरी दी। इनका 100 प्रतिशत वित्त पोषण केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा।
सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि कुल 10,523.8 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी। नीलामी में उन कंपनियों को भी रखा जाएगा, जो दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही हैं। इन कंपनियों के पास मौजूद स्पेक्ट्रम का आवंटन इस साल समाप्त हो रहा है। मंत्री ने कहा कि ट्राई की सिफारिश के अनुसार विभिन्न बैंडों के लिए आरक्षित कीमतों को संशोधित किया गया है। आरक्षित मूल्य 96,317.65 करोड़ रुपये होगा। दूरसंचार उपयोगकर्ताओं के लिए कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने और रेलवे/मेट्रो यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया है।
यह मंजूरी पांच सर्किलों में भारती एयरटेल के स्पेक्ट्रम की समाप्ति से ठीक एक दिन पहले आई है। भारती एयरटेल का पांच सर्किलों में टेलीकॉम स्पेक्ट्रम 9 फरवरी को और एक मार्च में समाप्त हो रहा है। वोडाफोन आइडिया का स्पेक्ट्रम पश्चिम बंगाल और यूपी वेस्ट में भी समाप्त हो रहा है। इसके लिए कंपनी को एयरवेव्स का उपयोग जारी रखने की अनुमति की आवश्यकता है। ठाकुर ने कहा, मौजूदा दूरसंचार कंपनियां निर्धारित कीमतों का भुगतान करके स्पेक्ट्रम का उपयोग जारी रख सकती हैं।
ठाकुर ने कहा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्तूबर 2022 को भारत में 5जी सेवाएं लॉन्च कीं। 14 महीनों में 740 जिलों को कवर करते हुए 4.2 लाख से अधिक बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) तैनात किए गए हैं। यह दुनिया में 5जी सेवाओं का सबसे तेज रोल-आउट है। 13 करोड़ से अधिक ग्राहक 5जी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी इकोसिस्टम है। यहां औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड बढ़कर 91 एमबीपीएस हो गई है। वैश्विक मोबाइल स्पीड में भारत की रैंक 113 से 22 हो गई है।
प्रधान मंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को मंजूरी
सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र को औपचारिक बनाने और इस क्षेत्र से जुड़े छोटे-मझोले उद्यमों को समर्थन देने के लिए प्रधान मंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 2023-24 से 2026-27 तक यानी अगले चार साल की अवधि में किया जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इस निवेश का इस्तेमाल राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने में भी किया जाएगा। इसका मकसद 40 लाख छोटे एवं सूक्ष्म उद्यमों को कार्य आधारित पहचान दिलाना है।
इसके अलावा, इस क्षेत्र को धीरे-धीरे औपचारिक बनाया जाएगा। इससे 6.4 लाख सूक्ष्म उद्यमों और 5,500 मत्स्य पालन सहकारी समितियों की संस्थागत कर्ज तक पहुंच बन सकेगी। यानी इन्हें कारोबार के लिए आसानी से कर्ज मिल सकेगा।