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बजट से उम्मीदें: होम लोन के ब्याज पर मिले 100 फीसदी तक कर छूट

Fri, 24 Jan 2020 04:14 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 24 Jan 2020 04:14 AM IST
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union budget, Tax rebate up to 100 precent on home loan interest
निर्मला सीतारमण - फोटो : पीटीआई

रियल एस्टेट क्षेत्र के डेवलपरों की संस्था क्रेडाई ने इस क्षेत्र के उद्योग को दर्जा देने की पुरानी मांग को दोहराते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री से होम लोन पर देय ब्याज पर शत प्रतिशत डिडक्शन (कटौती) का लाभ देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि वर्ष 2022 तक सबको आवास उपलब्ध कराना है तो सरकार को अर्फोडेबल हाउस की भी परिभाषा बदलनी चाहिए।

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क्रेडाई के नेशनल प्रेसिडेंट सतीश मागर ने कहा कि इस समय देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में रियल एस्टेट क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब आठ फीसदी है और कृषि के बाद यह दूसरा ऐसा क्षेत्र है जो सबसे ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराता है। इसलिए सरकार को इस क्षेत्र को सुस्ती को उबारने के लिए कदम उठाने चाहिए। वैसे भी नोटबंदी के बाद से ही इस क्षेत्र में सुस्ती है और नई परियोजनाओं की संख्या बहुत कम हो गई है।
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उनका कहना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की मांग पुरानी है, लेकिन अभी तक उसे यह दर्जा नहीं मिला है। यदि इस क्षेत्र को उद्योग का दर्जा मिल जाए तो इसे भी अन्य क्षेत्र की तरह वित्त पोषण में दिक्कत नहीं होगी। यदि रियल एस्टेट परियोजनाओं को समय पर वित्त पोषण मिल जाए तो परियोजना पूरी होने में दिक्कत नहीं होगी। देश भर में रेरा लागू हो चुका है और इस क्षेत्र में पारदर्शिता आ गई है, ऐसे में सरकार को इस मांग को मान लेना चाहिए।
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क्रेडाई का कहना है कि इस समय किसी भी वैयक्तिक करदाता को होम लोन पर देय ब्याज पर डिडक्शन मिलता है। लेकिन यह लाभ तभी मिलता है, जब होम लोन एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच स्वीकृत हुआ हो और यह रकम 50 हजार रुपये से अधिक नहीं हो। इसलिए सरकार इस समयसीमा को 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दे। साथ ही पहले मकान के लिए लिये गए होम लोन पर जितना भी ब्याज चुकाया गया हो, उसका शत प्रतिशत डिडक्शन मिलना चाहिए।

अर्फोडेबल हाउस के लिए लागू हो रेरा की परिभाषा

अफोर्डेबल हाउस की परिभाषा बदलने की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि इस बारे में रेरा की जो परिभाषा है, उसे ही सभी सरकारी एजेंसियों के लिए लागू करे। इस समय रेरा ने मेट्रो शहरों में 60 वर्ग मीटर के कारपेट एरिया वाले मकानों को जबकि अन्य जगहों पर 90 वर्ग मीटर के कारपेट एरिया के मकानों को अर्फोडेबल हाउस का दर्जा दिया है।

सतीश मागर
नेशनल प्रेसिडेंट, क्रेडाई

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