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Hindi News ›   India News ›   Union budget 2022: Ministry of Jal Shakti Budget increases Har Ghar Jal Yojana received Rs 60000 crore rupees

Budget 2022: जल शक्ति मंत्रालय के बजट में इस बार किया गया इजाफा, नमामि गंगे के लिए 42 सौ करोड़ रुपये का प्रावधान

Wed, 02 Feb 2022 02:31 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 02 Feb 2022 02:31 AM IST
सार

जल शक्ति मंत्रालय को इस वित्त वर्ष के लिए 18,967.88 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जबकि मंत्रालय को पिछली बार 18,008.70 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस हिसाह से  इस वित्तवर्ष में मंत्रालय के बजट में 959.18 करोड़ रुपये का इजाफा किया गया है। 

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Union budget 2022: Ministry of Jal Shakti Budget increases Har Ghar Jal Yojana received Rs 60000 crore rupees
जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत - फोटो : facebook/mpjodhpur

विस्तार

केंद्रीय बजट में जलशक्ति मंत्रालय की जल जीवन मिशन-हर घर जल योजना को बड़ा फायदा मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन वाली हर घर नल से जल योजना को बजट में 2022-23 के लिए 60 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं। इससे वित्त वर्ष 2022-23 में 3.80 करोड़ नए ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।

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अभी तक सरकार 8.7 करोड़ घरों को नल से जल दे चुकी है
केंद्रीय बजट  2022-23 पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा हर घर को नल से जल देने के लिए 3.8 करोड़ नए घरों को कवर करने के लिए केंद्र सरकार ने इस वित्त वर्ष में 60 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त देने का प्रावधान किया है। हर घर नल योजना में अभी तक सरकार 8.7 करोड़ घरों को नल से जल दे चुकी है।  इसमें 5.5 घरों को पिछले 29 महीनों में नल से जल मिला है। इसके अलावा सरकार का जोर नदियों को जोड़ने के साथ गंगा का धारा को अविरल और निर्मल करने पर है। इसके लिए सरकार ने नमामि गंगे के तहत नदी, घाटों के सौंदर्यीकरण के साथ गंगा की धारा को निर्मल और अविरल करने के लिए 42 सौ करोड़ रुपयों का प्रावधान किया है। 
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बजट में  959.18 करोड़ रुपये का इजाफा
इस तरह से जल शक्ति मंत्रालय को इस वित्त वर्ष के लिए 18,967.88 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जबकि मंत्रालय को पिछली बार 18,008.70 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस हिसाह से  इस वित्तवर्ष में मंत्रालय के बजट में 959.18 करोड़ रुपये का इजाफा किया गया है। इसमें भूजल से लेकर सरदार सरोवर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय, ब्रह्मपुत्र बोर्ड, राष्ट्रीय जल अकादमी राजीव गांधी राष्ट्रीय भूगर्भ जल प्रशिक्षण और शोध संस्थान समेत देश भर में जल प्रबंधन, पूर्वोत्तर राज्यों  और जल क्षेत्र में शोध के मद में 1141.90 हजार करोड़ खर्च करेगा।
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 केंद्र द्वारा समर्पित योजनाओं के लिए 1896.88 करोड़ रुपये का प्रावधान
इस तरह से राज्यों को एक मद में केंद्र की योजनाओं की श्रेणी में 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बांधों के रखरखाव के लिए 210 करोड़, वहीं नमामि गंगा को राष्ट्रीय गंगा कार्ययोजना और घाटों और नदी के किनारों की सुंदरता के लिए 1400 करोड़ और नमामि गंगे मिशन-टू के तहत  2800 करोड़ रुपये और जल प्रबंधन के अन्य मदों में कुल 5220.86 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जबकि हर घर जल योजना समेत केंद्र द्वारा समर्पित योजनाओं जिसमें पीएम सिंचाई योजना, हर घर नल योजना, अटल भूजल योजना, बाढ़ नियंत्रण और प्रबंधन, महाराष्ट्र के सूखा से जूझ रहे विदर्भ और मराठवाड़ा  के लिए विशेष पैकेज समेत अन्य मदों में कुल 1896.88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस तरह से जल से जुड़े अन्य मदों में 12191.77 और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 6776.11 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है।                                                                                                                
केंद्रीय बजट 2022-23 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुंदेलखंड के लिए बहुप्रतीक्षित और  उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी, ललितपुर समेत मध्य प्रदेश के नौ जिलों दमोह, दतिया, छतरपुर,टीकमगढ़, पन्ना, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन और सागर सरीखे  इलाकों के लोगों के दशकों से सूखे गलों को तर करने का इंतजाम कर दिया है।

केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए 44  हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे
वित्तमंत्री ने कहा की केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए कुल 44 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे। केंद्र सरकार ने यह राशि केंद्रीय बजट में देने का एलान कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सरकार अब इसमें पांच और नदियों को जोड़ने की योजना के  साथ इस योजना का विस्तार कर रही है। केंद्रीय बजट ने इस लिंक परियोजना के लिए  44,606 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इसमें से 1400 करोड़ दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 36,290 करोड़ रुपये केंद्र सरकार अनुदान के तौर पर देगी, जबकि 3027 कर्ज के रूप में होगा।

62 लाख लोगों को मिलेगा पीने का पानी
इससे हर साल 10.62 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई मुहैया कराई जा सकेगी। 62 लाख लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा। इसके अलावा दो बिजली घर बनाने का भी प्रस्ताव है, इसमें 103 मेगावाट हाइड्रो  27 मेगावॉट सौर ऊर्जा है। इस प्रोजेक्ट में पहले चरण मे दो बांध बनाए जाएंगे। इसमें एक बांध केन नदी पर ढोड़न गांव के पास बनेगा। इसमें एकत्र पानी को एक नहर के जरिए बेतवा में डाला जाएगा।  

दूसरे चरण में बेतवा पर विदिशा में चार बांध बनाए जाएंगे। इसके अलावा दमनगंगा पिंजल, पार-तापी नर्मदा, गोदावरी -कृष्णा, कृष्णा-पेन्नार और पेन्नार कावेरी पांच और नदियों को लिंक परियोजना के माध्यम से जोड़ने की योजना है। इसके लिए डीपीआर मसौदा तैयार हो गया है। वित्त मंत्री ने कहा अब केवल लाभार्थी राज्यों के बीच आम सहमति बन जाने का इंतजार है, इसके बाद, केंद्र इसके कार्यान्वयन के लिए  आगे कार्यवाही को अंजाम देगा।

जैविक खेती को बढ़ावा देने का फैसला
केंद्रीय बजट में गंगा के किनारों के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने का फैसला किया गया है। वित्तमंत्री ने कहा कि नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के साथ गंगा के किनारे बसे लोगों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे अर्थ गंगा प्रोजेक्ट को भी बढ़ावा मिलेगा। इस समय देश में परंपरागत कृषि योजना के तहत गंगा से सटे आठ राज्यों में 1.23 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती की जा रही है। हाल ही में कृषि विकास मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश को भी जैविक खेती करने के लिए अनुमति दी गई है। बजट में घोषणा के बाद अब मंत्रालय इसे लेकर कार्ययोजना तैयार करेगा। इसके बाद मंत्रालय से धन आवंटन का अनुरोध करेगा।                                                                                                              
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा 130 करोड़ भारतीयों के लिए यह बजट परिवर्तनकारी लाभ देगा। उन्होंने कहा है कि  हर घर नल योजना को साठ करोड़ का अतिरिक्त आवंटन बड़े बूस्टर डोज का काम करेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा गंगा रासायनिक मुक्त कृषि के लिए गंगा किनारे पांच किलोमीटर के इलाके में जैविक खेती करने का फैसला पारिस्थितिक तंत्र को समृद्ध करेगा।


जल विशेषज्ञ एस ए नकवी ने कहा जिस तरह से दावा किया जा रहा है कि हर घर नल को पहुंचाया जा रहा है। यह एक सार्थक प्रयास हो सकता है। अतिरिक्त धन मिल रहा है, यह भी अच्छी बात है। किंतु नल से जल योजना में पिछले साल का लक्ष्य पूरा होना रह गया है। लिहाजा इस बार जब केंद्र ने अतिरिक्त धन दिया है तो कोशिश होनी चाहिए की पहले की जवाबदेही तय कीजिए कि कितने नल लगने थे कितने लगे और अब जब अतिरिक्त पैसा मिला है तो इसका सदुपयोग किस तरह से किया जाए।

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