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Union Budget 2021: दो और सरकारी कंपनियों का होगा विनिवेश, एलआईसी आईपीओ को लेकर भी बड़ा एलान
Mon, 01 Feb 2021 12:34 PM IST
सोनू शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 01 Feb 2021 12:34 PM IST
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बजट 2021
- फोटो : अमर उजाला
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2021-22 के लिए आम बजट पेश कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने कई अहम घोषणाएं की हैं, जिसमें विनिवेश का मामले भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अगले साल यानी साल 2022 तक बीपीसीएल, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, आईडीबीआई बैंक, बीपीसीएल, शिपिंग कॉरपोरेशन, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और अन्य कंपनियों का विनिवेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 2021-22 में दो और सरकारी कंपनियों का विनिवेश होगा। इससे सरकार को 1.75 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे।
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निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसई) नीति पेश करते हुए कहा कि फिलहाल चार क्षेत्र ही ऐसे हैं जिनमें सरकारी कंपनियां काम करेंगी, बाकी क्षेत्रों में विनिवेश किया जाएगा। यह नीति रणनीतिक और गैर-रणनीतिक क्षेत्रों में विनिवेश की स्पष्ट रूपरेखा पेश करेगी। उन्होंने कहा कि हम उन सरकारी कंपनियों की पहचान कर रहे हैं जिसमें सरकार अपनी हिस्सेदारी घटाएगी।
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उन्होंने बताया कि पिछले साल बजट में सरकार ने 2.10 लाख करोड़ विनिवेश का लक्ष्य रखा था, लेकिन इस लक्ष्य को अब तक हासिल नहीं किया जा सका है। सरकार अभी तक चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में अल्पांश हिस्सेदारी की बिक्री और शेयर पुनर्खरीद से 19,499 करोड़ रुपये ही जुटा पाई है।
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निर्मला सीतारमण ने बताया कि नीति आयोग को रणनीतिक विनिवेश के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र कंपनियों की अगली सूची पर काम करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के स्वामित्व वाली जमीनों के मौद्रिकरण (बिक्री/पट्टेदारी) के लिए एक विशेष इकाई (एसपीवी) बनाई जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि अगले वित्त वर्ष में एलआईसी का भी आईपीओ आएगा। इसके अलावा सरकार कुछ केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम में हिस्सेदारी भी ऑफर फॉर सेल के जरिए बेच सकती है। सरकार ने एलआईसी में हिस्सेदारी बेचने से पहले इसके बीमा मूल्यांकन के लिए एक्चुरियल कंपनियों से आवेदन मंगाए थे। दरअसल, एलआईसी में हिस्सेदारी बेचकर इसे शेयर बाजार में लिस्ट कराने की सरकार की योजना है।