फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Union budget 2021-22: 'Halwa Ceremony' held, documents will be ready in a week

बजट 2021-22 : इस बार मिलेंगे डिजिटल दस्तावेज, मोबाइल एप लॉन्च कर बांटा हलवा

Mon, 01 Feb 2021 09:16 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 01 Feb 2021 09:16 AM IST
विज्ञापन
Union budget 2021-22: 'Halwa Ceremony' held,  documents will be ready in a week
हलवा रस्म के साथ शुरू हुई बजट 2021-22 की छपाई। - फोटो : ANI

बजट दस्तावेजों के संकलन की प्रक्रिया 23 जनवरी को पारंपरिक हलवा समारोह के आयोजन के साथ शुरू हो गई। इस समारोह में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

विज्ञापन


कोरोना महामारी के चलते इस बार हमेशा की तरह बजट दस्तावेजों की छपाई नहीं होगी। इसके बजाय इस बार सांसदों को बजट दस्तावेज डिजिटल स्वरूप में दिए जाएंगे। इससे पहले हर साल हलवा समारोह के आयोजन से बजट दस्तावेजों का प्रकाशन शुरू होता था। यह पहली बार होगा, जब बजट दस्तावेजों का प्रकाशन नहीं होगा।
विज्ञापन


वित्त मंत्री ने पेश किया मोबाइल एप
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक अभूतपूर्व पहल के तहत केंद्रीय बजट 2021-22 पहली बार डिजिटल तरीके से लोगों को मिलेगा। बजट एक फरवरी को पेश होने वाला है। इस मौके पर वित्त मंत्री सीतारमण ने यूनियन बजट मोबाइल एप भी पेश किया, ताकि सांसद और आम लोग बिना किसी परेशानी के डिजिटल तरीके से बजट दस्तावेज पा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

इस एप में क्या खास होगा

इस मोबाइल एप में वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट), अनुदान मांग (डीजी), वित्त विधेयक आदि समेत संविधान द्वारा निर्धारित 14 केंद्रीय बजट दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।

एप में डाउनलोडिंग, प्रिंटिंग, सर्च, जूम इन, जूम आउट समेत कई फीचर दिए गए हैं। इस एप को केंद्रीय बजट वेब पोर्टल (इंडिया बजट डॉट जीओवी डॉट इन) से भी डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप को आर्थिक मामलों के विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित किया गया है।





बयान के अनुसार, एक फरवरी को संसद में वित्त मंत्री को बजट भाषण पूरा होने के बाद बजट दस्तावेज इस मोबाइल एप पर उपलब्ध होंगे। बयान में कहा गया कि वित्त मंत्री ने बाद में केंद्रीय बजट 2021-22 के संकलन की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

हलवा समारोह में वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय, आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज, वित्तीय सेवा सचिव देबाशीष पांडा, दीपम के सचिव तुहिन कांत पांडे, व्यय सचिव टीवी सोमनाथन, मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यन और बजट की तैयारी व संकलन की प्रक्रिया में शामिल अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

सालों से चली आ रही है हलवा परंपरा

बता दें कि कोरोना महामारी ने कई चीजें बदल दी हैं। यही वजह है कि इस बार का आम बजट डिजिटल मोड में पेश होने वाला है। परंतु इससे पहले हर साल बजट के लिए उसके दस्तावेजों की छपाई से पहले हलवा बनाने की परंपरा रही है। हलवा तैयार होने के बाद इसका वितरण वित्त मंत्री समेत अन्य मंत्रियों और अधिकारियों में होता है। सामान्य तौर पर हलवा बनाने की रस्म में बजट निर्माण में लगे अधिकारी ही शामिल होते हैं।

हलवा बनने के बाद से वित्त मंत्रालय के 50 से अधिक लोग बजट बनाने में दिन रात लग जाते हैं। बजट पेश होने से लगभग एक सप्ताह पहले से तो इन लोगों को 24 घंटे नॉर्थ ब्लॉक में ही गुजारना पड़ता है। एक बार कैद होने के बाद वित्त मंत्री द्वारा लोक सभा में बजट पेश होने के बाद ही इन्हें नॉर्थ ब्लॉक से बाहर जाने की इजाजत मिलती है।

पूरी तरह से गोपनीय होती है छपाई

बजट छपाई एक तरह से पूर्णतया गोपनीय काम होता है। इससे जुड़ी जाटिल प्रक्रिया को हल्का-फुल्का करने के लिए हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है। बजट छपाई की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी 10 दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटे रहते हैं। इन 50 अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं होती है। वित्त मंत्री के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को ही घर जाने की इजाजत होती है। 

सुरक्षा होती है चाक-चौबंद

इस दौरान वित्त मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होती है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वित्त मंत्रालय में नहीं होता है। इस दौरान छपाई से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को भी बाहर आने या फिर अपने सहयोगियों से मिलने की भी मनाही होती है। अगर किसी विजिटर का आना बहुत जरूरी है तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अंदर भेजा जाता है।

लीक न हो कोई खबर

वित्त मंत्रालय में खुफिया विभाग से लेकर के साइबर सिक्योरिटी सेल सबका पहरा रहता है। इन 10 दिनों तक मंत्रालय के अंदर कोई भी मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है। केवल लैंडलाइन फोन के जरिए ही बातचीत हो पाती है। 

तैनात रहती है डॉक्टरों की टीम

वित्त मंत्रालय में 10 दिन के लिए डॉक्टरों की एक टीम भी तैनात रहती है। ऐसा इसलिए ताकि किसी भी कर्मचारी के बीमार पड़ने पर उसे वहीं पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बीमार कर्मचारी को भी 10 दिनों के लिए अस्पताल में इलाज कराने की मनाही होती है।

कट जाता है इंटरनेट कनेक्शन

जिन कंप्यूटरों पर बजट डॉक्यूमेंट होता है, उनसे इंटरनेट और एनआईसी के सर्वर को डिलिंक कर दिया जाता है। इससे किसी भी प्रकार की हैकिंग का डर नहीं रहता है। इन कंप्यूटरों को केवल प्रिंटर और छपाई मशीन से कनेक्ट करके रखा जाता है। वित्त मंत्रालय के जिस हिस्से में प्रिंटिंग प्रेस स्थित है, वहां पर केवल चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों को जाने की इजाजत होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed