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इनकम टैक्स की सीमा न बढ़ने से बीजेपी सांसद भी हुए निराश

Thu, 01 Feb 2018 08:22 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली 
संजय मिश्र, नई दिल्ली  Updated Thu, 01 Feb 2018 08:22 PM IST
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Union Budget 2018 ruling party MP also got disappointed after income tax ceiling did not increase
वित्त मंत्री अरुण जेटली के जरिए आयकर की सीमा न बढ़ाए जाने से मध्यम वर्ग के बीच निराशा तो पनपी ही, इसकी निराशा सांसदों के बीच भी दिखाई दी। बजट पेश करने की शुरुआत से जोर-शोर से मेज थपथपा रहे सत्ताधारी दल के सांसदों के मेज थपथपाने के स्वर में नरमी उस वक्त आ गई, जब जेटली ने आयकर से जुड़े हिस्से को पढ़ा। इसके बाद अगली पंक्ति में बैठे केवल कुछ मंत्री ही मेज थपथपाते नजर आए, बाकि सांसदों का उत्साह इस मामले में थमा नजर आया। हालांकि इस बीच राजस्थान में हुए उपचुनाव के नतीजे भी सांसदों के बीच पहुंच गए थे। बजट भाषण के अंत में सत्ताधारी दल के सांसदों में उत्साह की कमी दिखने की एक मुख्य वजह यह भी माना जा रहा है। 
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स्वास्थ्य बीमा के ऐलान पर दिखा सबसे ज्यादा उत्साह 

वित्त मंत्री जब बजट पेश कर रहे थे तो सांसदों में सबसे ज्यादा उत्साह स्वास्थ्य बीमा योजना के ऐलान पर दिखा। जैसे ही जेटली ने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना का ऐलान किया तो सत्ताधारी दल के सांसदों ने जय हो..जय हो का उद्घोष शुरू कर दिया। इससे पहले किसानों की आमदनी बढ़ाने के बाबत न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाए जाने के जेटली के ऐलान के वक्त सांसद बेहद जोश में दिखे तो बुलेट ट्रेन की चर्चा के वक्त सत्ताधारी दल के सांसदों ने बम..बम का उद्घोष किया। लोकसभा चुनाव 2019 को ध्यान में रखते हुए सत्ताधारी दल के सांसदों को भी बजट से ढेरों रियायत की उम्मीदें थीं। यही वजह रही कि जब-जब जेटली के जरिए किसी रियायत या लोकप्रियता वाले कदम की बात की गई तो सांसदों ने दिल खोलकर मेज थपथपाई। जेटली के जरिए आम बजट पेश करने के दौरान जिन मुद्दों पर भाजपा सांसदों ने दिल खोलकर मेजे थपथपाईं उनमें फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य, उज्जवला योजना, ग्रामीण विद्युतिकरण योजना (लोगों को मुफ्त बिजली कनेक्‍शन), 2022 तक सबको मकान, स्वास्थ्य बीमा योजना के ऐलान, एनपीए पर कदम, बुलेट ट्रेन की चर्चा, उड़ान सेवा के विस्तार और कर की वृद्धि के सरीखे मुद्दे हैं। 
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35 मिनट कृषि और ग्रामीण भारत पर 

आम बजट में कृषि के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने 2 घंटे के बजट भाषण में करीब 35 मिनट कृषि और ग्रामीण भारत के विकास के लिए उठाए जाने वाले प्रयासों की चर्चा में ही गुजारा। जेटली ने शुरुआत में ही कृषि क्षेत्र को लेकर घोषणाएं की तो सत्ताधारी दल के सांसदों में जोश भर आया। इस बीच विपक्षी दलों के खेमे में शांति रही। पूरे बजट के दौरान दो बार तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने टोकाटाकी की तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उन्हें चुप करा दिया। कांग्रेस ने महज एक बार ही कुछ टोकाटाकी की। वाम दल ने भी बजट के अंतिम भाग में एक बार कुछ मामला उठाया तो उन्हें भी सत्तापक्ष के सांसदों ने माकूल जवाब थमाया। इससे बजट भाषण के अंत में माकपा सांसदों ने अपना विरोध प्रकट करते हुए सदन से बॉयकाट कर दिया। 
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