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भूक्षरण के मुद्दे पर पीएम मोदी से बड़ी घोषणा की उम्मीद : यूएन

Sun, 08 Sep 2019 07:13 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: संदीप भट्ट Updated Sun, 08 Sep 2019 07:13 AM IST
सार

  • भारत में आयोजित हो रहा है संयुक्त राष्ट्र की बंजर भूमि घटाने से जुड़ी मुहिम का 14वां सत्र
  • भारत है इस समय अभियान का मुखिया
  • उत्तर भारत की नहीं वैश्विक समस्या हैं धूल भरे तूफान

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UN expected Big announcement from PM Modi on the issue of Soil erosion

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र की मरुस्थलीकरण से निपटने वाली इकाई के प्रमुख ने शनिवार को कहा कि भारत की तरफ से मरुस्थलीकरण व भूक्षरण पर वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी किए जाने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है कि उनका देश भूक्षरण के मुद्दे पर क्या करना चाहता है, इस मुद्दे पर सोमवार को वे एक ‘बड़ी घोषणा’ करेंगे।

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यहां यूएन मुख्यालय में भारत से एक वीडियो लिंक के जरिए बात करते हुए यूएन कन्वेंशन टू कॉम्बेट डेजर्टिफिकेशन (यूएनसीसीडी) कार्यक्रम के कार्यकारी सचिव इब्राहिम थियॉ ने कहा, जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने के लिए भूमि उद्धार ‘निश्चित तौर पर सबसे सस्ता तरीका’ है।
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थियॉ ने इस बात का ज्यादा ब्योरा नहीं दिया कि सम्मेलन के दौरान भारत इस मुद्दे पर किस तरह के संकल्प लेने जा रहा है। उन्होंने कहा, यह बड़ी महत्वाकांक्षा है कि भारत इस पूरी प्रक्रिया के लिए अपनी विरासत के हिस्से के तौर पर सीओपी को संबोधित करेगा। थियॉ ने कहा, प्रधानमंत्री के सोमवार को अपनी घोषणा करने की उम्मीद है। इससे ज्यादा नहीं बताया जा सकता। हमें यहां एक बड़ी घोषणा की उम्मीद है।
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बता दें कि नई दिल्ली में कांफ्रेंस ऑफ द पार्टीज टू यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन टू कॉम्बेट डेजर्टिफिकेशन (सीओपी14) का 14वां सत्र आयोजित हो रहा है। यह सत्र ‘भूमि में निवेश, खुलते मौके’ विषय पर आधारित है।

13 सितंबर तक चलने वाले सीओपी14 सम्मेलन में 196 देशों के मंत्री, वैज्ञानिक, सरकारी प्रतिनिधि, गैरसरकारी संगठन और विभिन्न सामुदायिक समूहों के प्रतिनिधियों समेत करीब 8000 लोगों के हिस्सेदारी करने की संभावना है।

इस सम्मेलन का आयोजन 2018-2030 के बीच भूमि का उपजाऊपन बढ़ाने के लिए तय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तकरीबन 30 निर्णयों पर सहमति बनाने के लिए किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी 9 सितंबर को इस सम्मेलन के उच्चस्तरीय हिस्से के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस उच्च स्तरीय आयोजन में भागीदारी करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव अमीना मोहम्मद के भी शनिवार रात भारत पहुंचने की उम्मीद थी।

भारत है इस समय अभियान का मुखिया

UN expected Big announcement from PM Modi on the issue of Soil erosion
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र की भूक्षरण के खिलाफ चल रहे अभियान का मुखिया इस समय भारत है। पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इसी सप्ताह कांफ्रेंस ऑफ पार्टीज का अध्यक्ष चुना गया है और वह अगले दो साल तक इस संगठन के अध्यक्ष रहेंगे।

उत्तर भारत की नहीं वैश्विक समस्या हैं धूल भरे तूफान

थियॉ ने पिछले साल उत्तर भारत में चली धूल भरी आंधियों के कारण 125 लोगों के मरने और 200 से ज्यादा के घायल होने का हवाला देते हुए कहा कि यह अकेले इस क्षेत्र की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, भूमि का मानव स्वास्थ्य से नजदीकी संबंध है। रेत और धूल भरे तूफान विश्व के बहुत सारे हिस्सों में गंभीर स्वास्थ्य चिंता का कारण हैं। उन्होंने कहा, करीब 151 देश लगातार भूक्षरण के कारण इस समस्या से पीड़ित हैं।

भूक्षरण है खतरनाक

  • 25 देशों ने पिछले साल भयानक सूखे के कारण आपातकाल घोषित किया
  • 70 देश औसतन हर साल सूखे के प्रकोप से पीड़ित हो रहे हैं
  • 10 से 17 फीसदी वैश्विक जीडीपी को नुकसान पहुंचा रहा है मरुस्थलीकरण
  • 70 करोड़ लोग भूक्षरण के कारण 2050 तक होंगे अपनी जगह से विस्थापित 
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