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Ukraine Crisis: एस जयशंकर बोले, यूक्रेन संकट ने राजनीतिक लाभ लेने का दायरा बढ़ाया, भारत की जिम्मेदारी अहम
Thu, 03 Nov 2022 05:03 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 03 Nov 2022 05:03 PM IST
सार
भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर तटस्थ रुख बनाए रखा है। भारत ने शांति और कूटनीति के माध्यम से युद्ध को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (file photo)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष ने नाटकीय रूप से राजनीतिक लाभ लेने का दायरा बढ़ा दिया है क्योंकि व्यापार, कर्ज और पर्यटन को हथियार बनाया जा रहा है और दबाव डालने के रूप में इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आईआईएम कोलकाता में एक व्याख्यान देते हुए कहा कि वैश्वीकरण की अनुचितता और कोविड के अनुभव के तनाव ने यूक्रेन में हालात को और बिगाड़ दिया है। इसके कारण हम कहीं अधिक अनिश्चित और असुरक्षित अस्तित्व की ओर अग्रसर हैं।
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रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत तटस्थ
भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर तटस्थ रुख बनाए रखा है। भारत ने शांति और कूटनीति के माध्यम से युद्ध को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। जयशंकर ने कहा कि व्यापार से लेकर पर्यटन तक हर चीज का हथियारीकरण अंतरराष्ट्रीय मामलों में अधिक महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हमने देखा है कि कैसे व्यापार, संपर्क, कर्ज, संसाधन और यहां तक कि पर्यटन भी राजनीतिक दबाव के बिंदु बन गए हैं। यूक्रेन संघर्ष ने राजनीतिक लाभ का दायरा बढ़ा दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के पास अब वैश्विक परिदृश्य को आकार देने की क्षमता और जिम्मेदारी है जैसे कि चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता (क्यूएसडी) जिसे आमतौर पर क्वाड के रूप में भी जाना जाता है।
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भारत के पास वैश्विक परिदृश्य को आकार देने की क्षमता और जिम्मेदारी
उन्होंने कहा, भारत को न केवल अपने कल्याण के लिए खड़ा होना है बल्कि विश्व के इस भाग से बोलना भी है क्योंकि देश के पास मौजूदा वैश्विक राजनीति को शांत करने में एक स्पष्ट हिस्सेदारी है। अब हमारे पास वैश्विक परिदृश्य को आकार देने की क्षमता और जिम्मेदारी है। यह इंडो-पैसिफिक जैसी नई अवधारणाओं, क्वाड या आई2यू2 (I2U2) जैसे तंत्र या अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी पहलों में व्यक्त किया गया है। आर्थिक मोर्चे पर हम विवेकपूर्ण रहे हैं। I2U2 समूह में भारत, इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका शामिल हैं, जिसका उद्देश्य पारस्परिक हित के साझा क्षेत्रों पर चर्चा करना, अपने संबंधित क्षेत्रों और उससे आगे व्यापार और निवेश में आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है। इसका पहला वर्चुअल समिट इसी साल जुलाई में आयोजित किया गया था। क्वाड (QUAD) ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के बीच रणनीतिक सुरक्षा संवाद का एक मंच है।
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सेमीकंडक्टर उद्योग के केंद्र ताइवान के संबंध में भारत के राजनयिक रुख के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश को सेमीकंडक्टर उद्योग के फलने-फूलने के लिए एक वातावरण बनाना होगा। आज दुनिया में सेमीकंडक्टर्स पर एक बड़ी बहस चल रही है। भारत में हमने एक इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि इसके लिए न केवल भौतिक वातावरण बल्कि मानव प्रतिभा के लिए ज्ञान वातावरण बनाने की भी आवश्यकता है।