अनुच्छेद 370 हटाने के प्रस्ताव पर बोले उद्धव- बाला साहेब और वाजपेयी का सपना हुआ पूरा
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राज्यसभा में सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाने का प्रस्ताव पेश किया। इसके अलावा राज्य के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी पेश किया गया। इसपर भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि आज हमारा देश पूरी तरह से स्वतंत्र हुआ है। इस मौके पर उन्होंने मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की।
बेटे आदित्य ठाकरे के ट्विटर अकाउंट से उद्धव ठाकरे ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आज हमारा देश पूरी तरह से स्वतंत्र है। विपक्ष को राजनीतिक प्रतिद्वंदिता छोड़कर देश की संप्रभुता को महत्व देना चाहिए। बाला साहेब ठाकरे और अटल बिहारी वाजपेयी का एक बड़ा सपना सच हुआ। आज हमारा देश पूरी तरह से स्वतंत्र है।'
“आज आपला देश पूर्ण स्वतंत्र, विरोधकांनी राजकीय जोडे बाजूला ठेवून देशाच्या सार्वभौमत्वाला महत्त्व द्यावं.
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) August 5, 2019
बाळासाहेब ठाकरे, अटलबिहारी वाजपेयी यांचं एक मोठं स्वप्न पूर्ण झालं, याचा आनंद.
आज आपला देश पूर्णपणे स्वतंत्र झाला.”
-उद्धव ठाकरे साहेब
वहीं राज्यसभा में जैसे ही शाह ने इस विधेयक को पेश किया। वैसे ही विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि भाजपा ने आज संविधान की हत्या कर दी है। पीडीपी के एक सांसद ने अपना कुर्ता फाड़कर विरोध जताया। केवल इतना ही नहीं उन्होंने संविधान को भी फाड़ा। जिसके बाद सभापति वेंकैया नायडू ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया।
भाजपा की सहयोगी पार्टी जेडी(यू) ने बिल को लेकर सरकार का विरोध किया है। पार्टी के नेता केसी त्यागी ने कहा, 'हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेपी नारायण, राम मनोहर लोहिया और जॉर्ज फर्नांडीस की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इसलिए हमारी पार्टी आज राज्यसभा में लाए गए विधेयक का समर्थन नहीं कर रही है। हमारी सोच अलग है। हम चाहते हैं कि अनुच्छेद 370 को हटाया ना जाए।'
इसी बीच बसपा ने बिल पर सरकार को अपना समर्थन दिया है। राज्यसभा में बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि हमारी पार्टी पूरा समर्थन देगी। हम चाहते हैं कि वो बिल पास हो। हमारी पार्टी अनुच्छेद 370 विधेयक और अन्य विधेयक का कोई विरोध नहीं कर रही है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अबदुल्ला ने सरकार के इस कदम की निंदा की है। अबदुल्ला ने क्षेत्र में अधिक सैनिकों की तैनाती का विरोध किया है और कहा है कि ये फैसला अवैध, असंवैधानिक और एकतरफा है।