राफेल विमानों की अगवानी को पहुंचे सुखोई, वायु सेना ने कहा- गोल्डेन एरो का स्वागत है
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फ्रांस से सात हजार किलोमीटर का हवाई सफर तय करके पांच राफेल विमान बुधवार की दोपहर तीन बजे अंबाला एयरबेस पहुंच गए। भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद राफेल विमानों को दो सुखोई 30 एमकेआई ने अपने घेरे में ले लिया और इन्हें अंबाला एयरबेस तक लेकर आए।
भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इनकी तस्वीरों को भी शेयर किया। वायु सेना ने अपने ट्वीट में लिखा, गोल्डेन एरो का स्वागत है। राफेल विमानों का सुखोई ने स्वागत किया। बता दें कि राफेल विमानों के बेड़े को वायु सेना ने 'गोल्डेन एरो' नाम दिया है।
Welcome home 'Golden Arrows'. Blue skies always.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) July 29, 2020
The Arrow formation (Rafales) was given ceremonial welcome by SU-30s.#IndianAirForce #RafaleInIndia #Rafale pic.twitter.com/RP0wITfTPZ
सभी विमान एक एरो (तीर) की आकृति बनाते हुए उड़ान भर रहे थे। इनमें पांच राफेल विमान आगे की ओर थे और दो सुखोई विमान पीछे की ओर उड़ान भर रहे थे। राफेल विमानों के अंबाला एयरबेस पर लैंड करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी वायुसेना को बधाई दी।
बता दें कि पांच राफेल विमानों के इस बेड़े ने सोमवार को फ्रांस के शहर बोरदु से उड़ान भरी थी। बीच में ये विमान संयुक्त अरब अमीरात के अल धाफरा एयरबेस पर रुके थे। इन विमानों में 30 हजार फुट की ऊंचाई पर हवा में ही ईंधन भरा गया था, इस काम के लिए फ्रांस के टैंकर की मदद ली गई थी।
राफेल लड़ाकू विमान भारत के दो दशकों में लड़ाकू विमानों का पहली बड़ी आपूर्ति है और इनसे भारतीय वायु सेना की युद्धक क्षमताओं को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार चीन के साथ सीमा विवाद के चलते इन विमानों को लद्दाख में तैनात किया जा सकता है।