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महाराष्ट्र: मुंबई में सात किलो यूरेनियम जब्ती मामले की जांच एनआईए के हाथ में, एटीएस ने दो किया था गिरफ्तार
Sun, 09 May 2021 05:51 PM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 09 May 2021 05:51 PM IST
सार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मुंबई में सात किलो यूरेनियम बरामदगी मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। यह बेहद संगीन मामला है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
विस्तार
मुंबई में सात किलो प्राकृतिक यूरेनियम के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने के मामले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली। महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए परमाणु बम जैसा घातक विस्फोटक बनाने के काम आने वाले सात किलो यूरेनियम के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 21.30 करोड़ रुपये है।
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एनआईए ने शनिवार को इस अहम मामले की जांच अपने हाथ में ली। इससे पहले पांच मई को महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई से जिगर जयेश पांड्या व अबू ताहिर को गिरफ्तार कर उनके पास से 7.1 किलो यूरेनियम जब्त किया था।
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National Investigation Agency (NIA) yesterday took over the case pertaining to seizure of 7.1 kgs of natural uranium worth about Rs 21.30 crores from two persons -- Jigar Jayesh Pandya & Abu Tahir Afzal Choudhary in Mumbai on May 5 this year: NIA pic.twitter.com/cRStv2sjz6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 9, 2021
बार्क ने की यूरेनियम की पुष्टि, आरोपी रिमांड पर
भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर (बीएआरसी) से इसकी पुष्टि होने के बाद बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ परमाणु ऊर्जा अधिनियम 1962 के तहत मामला पंजीकृत कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 12 मई तक पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है।
जिगर पांड्या यूरेनियम बेचने की तलाश में था
एटीएस की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि यूरेनियम बेचने की जानकारी 14 फरवरी को पुलिस इंस्पेक्टर संतोष भालेराव को मिली थी। एक विश्वसनीय सूत्र ने उन्हें बताया था कि जिगर पांड्या नामक शख्स अवैध रूप से यूरेनियम बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में है।
इस सूचना के बाद इंस्पेक्टर भालेराव और दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा यूनिट की पुलिस ने ठाणे निवासी पांड्या को गिरफ्तार कर लिया। पांड्या से पूछताछ के बाद पता चला कि यूरेनियम के ये टुकड़े अबू ताहिर नामक व्यक्ति ने दिए थे।
इसके बाद पुलिस ने मानखुर्द से अबू ताहिर अफजल चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया। अबू ताहिर की निशानदेही पर कुर्ला एटीएस की टीम ने प्राकृतिक यूरेनियम बरामद करने के बाद उसे भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में जांच के लिए भेजा था। वैज्ञानिकों की जांच में प्राकृतिक यूरेनियम होने की पुष्टि की गई है। जांच के दौरान पता चला कि जब्त यूरेनियम की शुद्धता 90 प्रतिशत से अधिक है।
एक अन्य अधिकारी ने पहले कहा था कि जब्त यूरेनियम को विश्लेषण के लिए ट्रॉम्बे स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) भेजा गया था और अनुसंधान केंद्र से प्राप्त रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पदार्थ प्राकृतिक यूरेनियम है, जो अत्यधिक रेडियोधर्मी और मानव जीवन के लिए खतरनाक है।