हिरासत में नहीं रखे जाएंगे नाबालिग शेर, संदेह का मिला लाभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात के गिर अभ्यारण्य में बीते कुछ दिनों में तीन लोग शेरों का निवाला बन गए। वन्य अधिकारियों ने मुख्य अपराधी आदमखोर को ताउम्र के लिए चिड़ियाघर भेज दिया है, लेकिन अभी दो नाबालिग शेरों पर आदमखोर होने का शक बरकरार है, इसलिए दोनों की निगरानी में रखा है। इन दोनों में से जो भी शेर अपराधी निकलेगा उसे उम्रकैद की सजा होगी, यानी शेर को जिंदगी भर चिंड़ियाघर में जाना पड़ेगा।
वन्य अधिकारियों को इनके निगरानी वालें इन दो शेरों के मल से सिर के बाल मिले हैं, जिसके बाद इन पर शक गहरा गया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक गोबर विशेषज्ञों को पता चला कि मरने वाले तीन लोग नर शेर का शिकार हुए थे। असल अपराधी को पहले ही सजा दी जा चुकी है।
अंबार्डी इलाके में तीन लोगों को मारकर खाने वाले आरोपी शेरों में 17 को बंदी बनाए गए थे। मरने वालों में 60 वर्षीय जीना मकवाना की मौत बीते 19 मार्च को हुई थी। भरद गांव के पास रहने वाला लाभू सोलंकी बीते 10 अप्रैल को शेर का निवाला बन गया था। और हाल ही में बीती 21 मई को जयराज देवीपुजक के शरीर के टुकड़े उसके ठिकाने से 500 मीटर की दूरी पर मिले थे।
अधिकारियों ने बताया कि दो शेरों को सासन में रखा जाएगा जहां इंसानों के प्रति उनके व्यवहार को परखा जाएगा। इसके बाद फैसला किया जाएगा कि उन्हें जंगल में रखा जाए या चिड़ियाघर भेज दिया जाए। अधिकारियों ने ये भी बताया की 14 अन्य शेर-शेरनियों को जंगली इलाके में छोड़ा जाएगा। इन सब को निगरानी में रखा जाएगा।
मुख्य वन संरक्षक एपी सिंह ने कहा कि दो शेरों को निगरानी में रखा गया है, हम एकबार तसल्ली कर लें कि वे गुनहगार नहीं है तो उन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा। मुख्य अपराधी को चिड़ियाघर भेजा जा चुका है।