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Terror-Free India: दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन की शुरुआत; देश में आतंकवाद से लड़ने के लिए मजबूत इकोसिस्टम
Thu, 07 Nov 2024 12:31 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Thu, 07 Nov 2024 12:31 PM IST
सार
Terror-Free India: उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति अपनाई और देश के अंदर आतंकवाद से लड़ने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाया गया। 2006 से 2013 और 2014 से 2021 तक की अवधि को देखें तो आतंकवादी घटनाओं में 70% की कमी आई है।
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Amit Shah
- फोटो : X/@AIR
विस्तार
एनआईए द्वारा आयोजित दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन की शुरुआत हो गई। 'आतंकवाद विरोधी सम्मेलन-2024' के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आजादी के 75 साल बीत चुके हैं। अब तक देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा बनाए रखने के लिए 36,468 पुलिस कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। मैं आज उन सभी को उनके सर्वोच्च बलिदान देने के जज्बे के लिए श्रद्धांजलि देना चाहता हूं और देश की ओर से उनके परिवारों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के देश का प्रधानमंत्री बनने के 10 साल के भीतर भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति अपनाई। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के उनके नारे को आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। भारत के अंदर आतंकवाद से लड़ने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हुआ है।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति अपनाई और देश के अंदर आतंकवाद से लड़ने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाया गया। 2006 से 2013 और 2014 से 2021 तक की अवधि को देखें तो आतंकवादी घटनाओं में 70% की कमी आई है।
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उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसा पर काफी हद तक काबू पाया गया है। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सभी आतंकी मामलों में यूएपीए का इस्तेमाल करती है और इसके परिणामस्वरूप अब तक दर्ज 632 मामलों में से 498 मामलों में आरोप पत्र दायर किया गया है और लगभग 95 प्रतिशत मामलों में सजा हुई है।
युवा अधिकारियों को उच्चतम तकनीक से लैस करना होगा
अमित शाह ने कहा कि आतंकवादी हमले और उनकी साजिशें सीमाहीन और अदृश्य तरीके से हमारे खिलाफ हैं। अगर हमें इससे सटीक तरीके से निपटना है तो हमारे युवा अधिकारियों को उच्चतम तकनीक से लैस करना होगा। उन्हें प्रशिक्षित करना होगा। उन्हें हर तरह के खतरों से निपटने के लिए तैयार करना होगा। हम आने वाले दिनों में इसे प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बनाएंगे।
पुलिस राज्य का विषय, लड़ाई उन्हें ही करनी होगी
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए जो सक्रिय दृष्टिकोण बनाया है, हम उसमें अगला कदम उठा रहे हैं। हम एक राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति लेकर आएंगे। जैसा कि मैंने कहा कि पुलिस राज्य का विषय है और लड़ाई राज्य पुलिस को ही करनी होगी। सूचना देने से लेकर कार्रवाई करने तक सभी (केंद्रीय) एजेंसियां आपका साथ देंगी।
आतंक मुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध
इससे पहले अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार अपनी शून्य सहनशीलता की नीति के साथ आतंक मुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गुरुवार से शुरू होने वाला दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन भारत के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय को और बढ़ाएगा।
शाह ने बताई सम्मेलन की विशेषता
गृहमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह वार्षिक सम्मेलन पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों और आतंकवाद से उत्पन्न होने वाले खतरों पर विचार-विमर्श के लिए परिचालन बलों, तकनीकी, कानूनी और फोरेंसिक विशेषज्ञों और आतंकवाद-रोधी एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में उभरा है।
गृहमंत्री ने बताया सम्मेलन का उद्देश्य
शाह ने कहा इस सम्मेलन का मुख्य फोकस संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण की भावना में आतंकवाद के खतरे के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के लिए चैनल स्थापित करके विभिन्न हितधारकों के बीच तालमेल विकसित करना और भविष्य की नीति निर्माण के लिए ठोस इनपुट प्रस्तुत करना है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उभरती प्रौद्योगिकियों, अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहयोग और भारत के विभिन्न आतंकवाद विरोधी एजेंसियों में आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने की रणनीतियों से संबंधित चुनौतियों और अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी।
आज से शुरुआत
भारत में एनआईए द्वारा आयोजित दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन-2024 की शुरुआत गुरुवार को हुई। इसका उद्धघाटन गृह मंत्री अमित शाह ने किया। बता दें कि इस सम्मेलन में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आतंकवाद-रोधी मुद्दों से निपटने वाली केंद्रीय एजेंसियों और विभागों के अधिकारी और कानून, फोरेंसिक और प्रौद्योगिकी जैसे संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।
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उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के देश का प्रधानमंत्री बनने के 10 साल के भीतर भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति अपनाई। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के उनके नारे को आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। भारत के अंदर आतंकवाद से लड़ने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हुआ है।
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उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति अपनाई और देश के अंदर आतंकवाद से लड़ने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाया गया। 2006 से 2013 और 2014 से 2021 तक की अवधि को देखें तो आतंकवादी घटनाओं में 70% की कमी आई है।
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उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसा पर काफी हद तक काबू पाया गया है। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सभी आतंकी मामलों में यूएपीए का इस्तेमाल करती है और इसके परिणामस्वरूप अब तक दर्ज 632 मामलों में से 498 मामलों में आरोप पत्र दायर किया गया है और लगभग 95 प्रतिशत मामलों में सजा हुई है।
युवा अधिकारियों को उच्चतम तकनीक से लैस करना होगा
अमित शाह ने कहा कि आतंकवादी हमले और उनकी साजिशें सीमाहीन और अदृश्य तरीके से हमारे खिलाफ हैं। अगर हमें इससे सटीक तरीके से निपटना है तो हमारे युवा अधिकारियों को उच्चतम तकनीक से लैस करना होगा। उन्हें प्रशिक्षित करना होगा। उन्हें हर तरह के खतरों से निपटने के लिए तैयार करना होगा। हम आने वाले दिनों में इसे प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बनाएंगे।
पुलिस राज्य का विषय, लड़ाई उन्हें ही करनी होगी
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए जो सक्रिय दृष्टिकोण बनाया है, हम उसमें अगला कदम उठा रहे हैं। हम एक राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति लेकर आएंगे। जैसा कि मैंने कहा कि पुलिस राज्य का विषय है और लड़ाई राज्य पुलिस को ही करनी होगी। सूचना देने से लेकर कार्रवाई करने तक सभी (केंद्रीय) एजेंसियां आपका साथ देंगी।
The Modi govt is committed to building a terror-free India with its policy of zero tolerance. The two-day Anti-Terror Conference, beginning tomorrow, will further enhance coordination among agencies to strengthen Bharat's security bastion. Looking forward to addressing the…
— Amit Shah (@AmitShah) November 6, 2024
आतंक मुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध
इससे पहले अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार अपनी शून्य सहनशीलता की नीति के साथ आतंक मुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गुरुवार से शुरू होने वाला दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन भारत के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय को और बढ़ाएगा।
शाह ने बताई सम्मेलन की विशेषता
गृहमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह वार्षिक सम्मेलन पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों और आतंकवाद से उत्पन्न होने वाले खतरों पर विचार-विमर्श के लिए परिचालन बलों, तकनीकी, कानूनी और फोरेंसिक विशेषज्ञों और आतंकवाद-रोधी एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में उभरा है।
गृहमंत्री ने बताया सम्मेलन का उद्देश्य
शाह ने कहा इस सम्मेलन का मुख्य फोकस संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण की भावना में आतंकवाद के खतरे के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के लिए चैनल स्थापित करके विभिन्न हितधारकों के बीच तालमेल विकसित करना और भविष्य की नीति निर्माण के लिए ठोस इनपुट प्रस्तुत करना है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उभरती प्रौद्योगिकियों, अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहयोग और भारत के विभिन्न आतंकवाद विरोधी एजेंसियों में आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने की रणनीतियों से संबंधित चुनौतियों और अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी।
आज से शुरुआत
भारत में एनआईए द्वारा आयोजित दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन-2024 की शुरुआत गुरुवार को हुई। इसका उद्धघाटन गृह मंत्री अमित शाह ने किया। बता दें कि इस सम्मेलन में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आतंकवाद-रोधी मुद्दों से निपटने वाली केंद्रीय एजेंसियों और विभागों के अधिकारी और कानून, फोरेंसिक और प्रौद्योगिकी जैसे संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।