ट्विटर विवाद: एमडी मनीष माहेश्वरी के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई, गिरफ्तारी पर रोक का मामला
ट्विटर इंडिया के एमडी के खिलाफ दर्ज केस के मामले में यूपी पुलिस को कार्रवाई से रोकने के खिलाफ मंगलवार को कनार्टक हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी के खिलाफ दर्ज केस के मामले में यूपी पुलिस को कार्रवाई से रोकने के खिलाफ मंगलवार को कनार्टक हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। इससे पहले जस्टिस जी. नरेंद्र की पीठ ने अंतरिम आदेश जारी कर यूपी पुलिस को माहेश्वरी की गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई से रोक दिया था। इस आदेश को यूपी पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
Twitter India MD's case hearing in Karnataka HC: A single bench of Justice G Narender had earlier passed interim order restraining UP Police from taking coercive action against him. The order was then challenged in SC by the UP Police. Their Counsel begins making his submissions. pic.twitter.com/nu5hn3TT3z
विज्ञापन
— ANI (@ANI) July 6, 2021
हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस से किए ये सवाल
मंगलवार को सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस के वकील से कहा, 'आप कंपनी की जांच कर रहे हैं। जांच करने के लिए, आपको व्यक्ति की पहचान करने की आवश्यकता है, लेकिन अगर पुलिस ऐसी कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है तो कार्रवाई का सवाल कहां पैदा होता हैहै? यह याचिका तब तक कुछ भी नहीं है, जब तक आप यह नहीं दिखा सकते कि यह अधिकारी इसे रोक सकता था।'
हाईकोर्ट के जज ने यूपी पुलिस के वकील से पूछा- 'आरोपों की जड़ क्या है? ट्विटर पर एक छेड़छाड़ का वीडियो अपलोड किया गया। ट्विटर इंडिया इस घटना से जुड़ा नहीं है। इसके खिलाफ क्या आरोप है? यह कहने में कोई दम नहीं कि ट्विटर इंडिया इसे हटाने में सक्षम है।
You're probing the company. To probe, you're required to identify the individual but if the entity isn't able to commit such action where's the point? This petition is nothing unless you can show he could've prevented it - Karnataka HC to UP Police counsel
— ANI (@ANI) July 6, 2021
Next hearing tomorrow
अग्रिम जमानत अर्जी दायर की
बता दें, यूपी के बुलंदशहर निवासी बुजुर्ग की लोनी में दाढ़ी काटने के मामले में वायरल वीडियो को लेकर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को पूछताछ के लिए गत गुरुवार को लोनी थाने पहुंचना था। लेकिन वह थाने नहीं पहुंच सके, क्योंकि उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी थी।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने दी थी अंतरिम राहत
कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए गाजियाबाद पुलिस को कहा था कि आप इस तरह सख्ती नहीं बरत सकते। आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ कीजिए। मनीष माहेश्वरी ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट में कहा कि वह कंपनी के निदेशकों में शामिल नहीं हैं। कंपनी के निदेशक विदेश में बैठे हैं। वह यहां सेल्स एंड मार्केटिंग का काम देखते हैं ऐसे में उनकी जिम्मेदारी इसकी नहीं है कि ट्विटर पर कैसा कंटेंट डाला जा रहा है। उनका पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को उनसे सख्ती न बरतने के निर्देश दिए हैं साथ ही वर्चुअल माध्यम से पूछताछ के लिए कहा है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि सोमवार तक टि्वटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी की गिरफ्तारी नहीं होगी। इस बीच पुलिस को एमडी से कोई बयान दर्ज कराना है तो वह वर्चुअल बयान दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ने वर्चुअल बयान लेने से मना करते हुए सोमवार तक इंतजार करने की बात कही है।