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निजी हितों के लिए सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की हो रही कोशिश : राजनाथ सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Aug 2018 05:24 AM IST
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केंद्र सरकार ने संसद को आगाह किया है कि कुछ लोग निजी हित साधने के लिए एनआरसी के बहाने भय और सांप्रदायिक भेदभाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह राज्यसभा में विपक्ष को फिर भरोसा दिलाया कि अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया में किसी से भेदभाव नहीं किया जाएगा।
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राजनाथ ने कहा कि एनआरसी में शामिल नहीं किए गए लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसे व्यक्ति को एनआरसी में अपनी दावेदारी साबित करने का पूरा मौका मिलेगा। एनआरसी की प्रक्रिया पारदर्शी है और कोई भी भारतीय नागरिक इससे वंचित नहीं रहेगा।
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गृह मंत्री ने कहा कि ‘असम समझौता’ का जिक्र करते हुए कहा कि एनआरसी जारी होने के बाद हिंसा की आशंका को देखते हुए केंद्र ने पहले ही पर्याप्त सुरक्षा बल भेज दिया था। यह हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने वैध नागरिकों की पहचान करे। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। सभी राजनीतिक दलों को इसमें सहयोग करना चाहिए।
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सिलचर एयरपोर्ट की घटना पर बोले राजनाथ सिंह- पुलिस ने नहीं, सांसद ने की थी हाथापाई
एनआरसी लागू होने के बाद जमीनी हकीकत की पड़ताल करने के लिए बृहस्पतिवार को असम पहुंचे टीएमसी सांसदों को हिरासत में रखने और कथित हाथापाई को लेकर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक सिलचर हवाई अड्डे पर सांसद ने ही पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार किया, जिसमें महिला कांस्टेबल घायल भी हुई हैं। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि देश के किसी भी नागरिक को कहीं भी जाने का अधिकार है।
इसके उलट सांसदों को न सिर्फ एयरपोर्ट पर रोका गया, बल्कि पुलिस ने हाथापाई भी की। यह अघोषित आपातकाल है। सरकार ने 24 घंटे बीतने के बाद भी संज्ञान नहीं लिया। क्या सरकार विपक्षी एकजुटता से घबराकर दमन का रास्ता अपना रही है। गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वहां शांति व्यवस्था में खलल नहीं होने देना चाहती। वहां धारा-144 लागू है। जब सांसद वहां पहुंचे तो पुलिस ने उनसे वापस जाने का अनुरोध किया। रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान एक सांसद ने ही हाथापाई की, जिससे कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।