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Hindi News ›   India News ›   Trump's second term will have to be monitored from day one, why did experts say so in RIS's program?

US: ट्रंप के दूसरे कार्यकाल पर पहले दिन से ही रखनी होगी नजर, RIS के कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने ऐसा क्यों कहा?

Tue, 31 Dec 2024 09:26 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 31 Dec 2024 09:26 PM IST
सार

आरआईएस की ओर से आयोजित सत्र में व्यापार, टैरिफ और ट्रंप को लेकर चर्चा हुई। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए। सत्र को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि, भारत को ट्रंप की दूसरी पारी में अमेरिका के साथ व्यापार समेत कई क्षेत्रों में व्यापक जुड़ाव रखना चाहिए। 

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Trump's second term will have to be monitored from day one, why did experts say so in RIS's program?
डोनाल्ड ट्रंप, नवनिर्वाचित, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

विकासशील देशों की अनुसंधान और सूचना प्रणाली( रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज, आरआईएस) की ओर से अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर नई दिल्ली में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ भारत के व्यापार संबंधों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में प्रो. सचिन चतुर्वेदी, राजीव खेर, सुमंत चौधरी, प्रोफेसर एसके मोहंती, अतुल कौशिक, बिपुल चटर्जी, डॉ. चिंतन वैष्णव और प्रणव कुमार जैसे विशेषज्ञ ने अपने विस्तार से विचार रखे।
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व्यापार, टैरिफ और ट्रंप को लेकर चर्चा
आरआईएस की ओर से आयोजित सत्र में व्यापार, टैरिफ और ट्रंप को लेकर चर्चा हुई। इसमें कई क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए। सत्र को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि, भारत को ट्रंप की दूसरी पारी में अमेरिका के साथ व्यापार समेत कई क्षेत्रों में व्यापक जुड़ाव रखना चाहिए। ट्रंप के राष्ट्रपति के कार्यभार संभालने के साथ ही भारत को व्यापार समेत अन्य मुद्दों के समाधान के लिए नया संस्थागत ढांचा, टेक्नोलॉजी और वित्तीय संबंधी संबंध के लिए एक टास्क फोर्स का निर्माण या एक संस्थागत तंत्र का निर्माण करना चाहिए जो इन सभी विषयों पर अमेरिका के साथ इन विषयों पर सामंजस्य स्थापित कर सके।
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अमेरिकी व्यापार घाटे में भारत का योगदान
विशेषज्ञों ने कहा कि, अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर ट्रंप 2.0 की पहली प्राथमिकता अमेरिकी फर्स्ट नीति को बढ़ावा देना है। ताकि घरेलू उत्पादन बढ़ सके और अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। इसके लिए आयात पर कंट्रोल करना चाहते है। जबकि निर्यात को बढ़ावा देना चाहते है। हाल के वर्षों में भारत ने अमेरिका को एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के उत्पादों का निर्यात किया। यह निर्यात मुख्य रूप से मत्स्य पालन, खनिज ईंधन, फार्मास्युटिकल, रत्न और आभूषण, विद्युत मशीनरी और उपकरण जैसे क्षेत्रों में किया गया। निर्यात में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी मत्स्य पालन और रत्न व आभूषण क्षेत्र की रही। भारत अमेरिका का नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। अमेरिकी व्यापार घाटे में भारत का योगदान महज 3.2 प्रतिशत है।
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भारत को पहले से दिन से देना होगा ध्यान- विशेषज्ञ
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने यह भी पाया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद - जीडीपी विकास दर का प्रदर्शन 2022 में 1.9 प्रतिशत से सुधरकर अपेक्षित 2.7 प्रतिशत-2.8 प्रतिशत हो गया है। हालांकि ट्रंप के लिए व्यापार घाटा को कम करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। विशेषज्ञों ने इस बात भी जोर दिया है कि भारत को पहले से दिन से ध्यान देना होगा कि ट्रंप का नया प्रशासन किसी दिशा और गति से किस क्षेत्र में काम कर रहा है। ताकि हमारी सरकार को उस दिशा में योजना बनाने और फिर उसी दिशा में काम करने और अमेरिका के साथ समझौता करने में आसानी हो।
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