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त्रिपुरा में आईपीएफटी के उपाध्यक्ष पार्टी छोड़ कांग्रेस में गए, भाजपा की सहयोगी पार्टी को झटका
Tue, 09 Apr 2019 02:06 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 09 Apr 2019 02:06 AM IST
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Ananta Debbarma (file)
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त्रिपुरा में भाजपा को झटका देते हुए इंडीजीनस पीपल्स फ्रंट त्रिपुरा (आईपीएफटी) के उपाध्यक्ष अनंत देब बर्मा ने अपनी पार्टी छोड़कर कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया है। उनके साथ पार्टी के चार अन्य मंडल अध्यक्ष व सचिव भी कांग्रेस में चले गए हैं। आईपीएफटी भाजपा के साथ चुनाव में उतर रही है। अनंता के अनुसार वे नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ हैं, लेकिन उनकी पार्टी भाजपा के खिलाफ आवाज नहीं उठा पा रही थी।
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देबवर्मा के अनुसार यह अधिनियम जनजातियों के खिलाफ है, लेकिन पार्टी अध्यक्ष एनसी देब वर्मा में हिम्मत नहीं है कि वे इसका विरोध करें। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा को जनजातियों के वोट नहीं मिलेंगे, कांग्रेस यहां की दोनों संसदीय सीटें जीतेगी। त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष प्रद्ययोत किशोर मानिक्यदेबबर्मन ने कहा कि जनजातियों की तीनों मांगों, त्रिपुरा जनजातिय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद को फंडिंग, कोबोरोक भाषा में रोमन लिपि लाने और सीएबी को पार्लियामेंट में नकारने का समर्थन करते हैं।
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