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ट्रिपल मर्डर: हाथ बांधकर क्रूरता से मारी गईं तीनों बहनें

Mon, 29 Aug 2016 04:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Mon, 29 Aug 2016 04:27 AM IST
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Triple Murder: her hands tied, brutally killed sisters

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों बहनों की मौत डूबने से बताई जा रही है लेकिन साथ ही विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि लाश खराब हो जाने से यह नहीं बताया जा पा रहा कि उनके साथ मारपीट या गला दबाने जैसी बात हुई या नहीं लेकिन प्रीति की मां सोमवती ने बताया कि मेरी बेटी का हाथ और मुंह बंधा हुआ था। हत्यारों ने उसे बेरहमी से मारकर नदी में बहाया है।

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सोमवती की बात पंचनामा भी सच साबित कर रही है। पुलिस ने तो लाश मिलने के बाद इसका जिक्र नहीं किया था लेकिन पंचनामा भरते समय हाथ पर दुपट्टा बंधे होने का जिक्र किया गया है। जिससे जाहिर है कि उनकी हत्या हाथ बांधकर ही की गई होंगी। सोमवती ने बताया की बेटी के कमर से नीचे के हिस्से में भी चोट के निशान थे। पिंकी की शारदा के माता-पिता भी अपनी बेटियों की हत्या बेरहमी से करने की बात कर रहे हैं।
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पुलिस को सबसे पहले शारदा का शव भाखड़ा नदी में पहाड़पुर गांव के पास झाड़ियों में फंसा मिला था। शारदा के पिता ओंमकार कश्यप और उनकी पत्नी सोमादेवी का कहना है कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या हुई है। नाक, कान और मुंह से खून निकल रहा था। उसका शव घास में लिपटा हुआ था। शव मिलने के बाद पहुंचे ग्रामीणों ने मौके पर जाकर देखा तो शारदा के नीचे के कपड़े कमर से नीचे थे।

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एक साथ जलीं तीन बहनों की चिताएं

Triple Murder: her hands tied, brutally killed sisters
तिहरा हत्याकांड

​पुलिस ने आनन-फानन में कपड़े सही करा दिए। सबसे अहम बात यह है कि पंचनामा भरने वाले दरोगा जेपी रावत ने रेप की आशंका का पंचनामा में जिक्र ही नहीं किया। भला हो चिकित्सकों का उन्होंने इसके बाद भी स्लाइड बना ली। इतना ही नहीं चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के बाद शारदा का विसरा भी सुरक्षित कर लिया है। ताकि जरूरत पड़ने पर उसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा सके।

15 वर्षीया पिंकी के शव का पंचनामा मीरगंज के उप निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने भरा था। पंचनामे में जीभ निकली होने की जिक्र ही नहीं है। जबकि पिंकी की मां जगदेई पत्नी बेनीराम का कहना है कि उनकी बेटी डूबकर नहीं मरी है। डूबने वाले की जीभ बाहर नहीं निकलती है। उसका गला सूजा हुआ था। उसके सिर के आगे के बाल गायब हो गए। पंचनामा में गला सूजने का भी जिक्र नहीं किया गया।

प्रीति की मां सोमवती पत्नी महेंद्रपाल ने बताया कि उसकी बेटी की लाश धनेटा फाटक के पास हाईवे के भाखड़ा पुल के नीचे मिली है। उसके दोनों दोनों हाथ दुपट्टे से बंधे थे। आंखों पर पट्टी बंधी थी। एक आंख निकली हुई थी। कमर के नीचे चोट के निशान थे। दोनों हाथ, चेहरा तेजाब से जला हुआ था। प्रीति के शव का पंचनामा भरने वाले मीरगंज के उप निरीक्षक सुदीश कुमार ने हाथ में दुपट्टा होने का जिक्र तो किया है, लेकिन कमरे से नीचे चोट आंखों पर पट्टी बंधी होने और एक आंख निकली होने की बात उन्होंने पंचनामा में नहीं लिखी है।

एक साथ जलीं तीन बहनों की चिताएं
इतवार की सुबह सैंजना गांव के बाशिंदों के लिए बेहद मनहूस रही। सैंजना गांव के ही श्मशान में तीनों बहनों की चिताएं एक साथ जलीं तो पूरा गांव सिसक उठा। आंखें भी तीन नाबालिग बहनों की चिताएं एक साथ जलते देख बरस पड़ीं।
शनिवार आधी रात को तीनों बहनों का पोस्टमार्टम कराकर प्रशासन ने लाशें परिजनों को सौंप दी थीं। परिवार वाले लाशें लेकर गांव पहुंचे। मातमी माहौल के बीच रविवार की सुबह लगभग आठ बजे तीनों का गांव की श्मशान भूमि में परंपरागत ढंग से अंत्येष्टि कर दी गई। तीनों घरों से एक साथ तीन लाशें उठीं तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।

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