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पिछले साल के मुकाबले बढ़ा भ्रष्टाचार, 45% भारतीयों ने दी रिश्वत
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sun, 10 Dec 2017 08:55 AM IST
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भारत में भ्रष्टाचार कम होने की जगह लगातार बढ़ रहा है, यह बात हाल में हुए एक सर्वे में सामने आई है। 'ट्रांस्परेंसी इंटरनेशनल' नाम के संगठन ने भारत के नौ राज्यों में यह सर्वे किया था। इसमें शामिल 45 प्रतिशत लोगों ने माना है कि पिछले एक साल में उन्होंने अपना कोई ना कोई काम करवाने के लिए कम से कम एक बार तो रिश्वत दी ही थी। बता दें कि पिछली बार हुए सर्वे में यह 43 प्रतिशत था।
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सर्वे में शामिल 34,696 लोगों में से 37 प्रतिशत ने माना की घूसखोरी बढ़ गई है, वहीं 14 प्रतिशत ऐसे भी थे जिनको लगता है कि यह सब कम हुआ है। 45 प्रतिशत लोगों को लगता है कि व्यवस्था में कोई बदलाव हुआ ही नहीं है।
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सर्वे के मुताबिक, सबसे ज्यादा बुरा हाल पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश का है। वहां के 71 प्रतिशत लोगों ने माना कि उनके राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। वहीं महाराष्ट्र में कुल 18 प्रतिशत लोगों ने इसके बढ़ने की बात कही, वहीं 64 प्रतिशत को स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिखा।
दिल्ली-यूपी का क्या है हाल?
दिल्ली के 33 प्रतिशत लोगों को लगता है कि घूसखोरी बढ़ गई है वहीं 38 प्रतिशत को हालात पहले जैसे लगते हैं। यूपी के 28 प्रतिशत लोगों ने भ्रष्टाचार के कम होने की बात कबूली है।
सर्वे में यह भी निकलकर आया है कि ज्यादातर भ्रष्टाचार छोटे स्तर पर हो रहा है जिसमें बिजली दफ्तर, नगर निगम, प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े काम और उनसे संबंधित दफ्तर शामिल हैं।
सर्वे में कुल 9 प्रतिशत लोग ऐसे निकलकर आए जिन्होंने किसी केंद्रीय कर्मचारी को रिश्वत देने की बात कबूली हो। लोगों ने प्राइवेट सेक्टर, स्कूल प्रशासन, एनजीओ, कोर्ट आदि में पैसा दिया। 51 प्रतिशत लोगों को लगता है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही है। यह सर्वे यूएन के 'एंटी करप्शन डे' पर किया गया था। जिन नौ राज्यों में यह सर्वे हुआ वहां लोकायुक्त नहीं है।
सर्वे में यह भी निकलकर आया है कि ज्यादातर भ्रष्टाचार छोटे स्तर पर हो रहा है जिसमें बिजली दफ्तर, नगर निगम, प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े काम और उनसे संबंधित दफ्तर शामिल हैं।
सर्वे में कुल 9 प्रतिशत लोग ऐसे निकलकर आए जिन्होंने किसी केंद्रीय कर्मचारी को रिश्वत देने की बात कबूली हो। लोगों ने प्राइवेट सेक्टर, स्कूल प्रशासन, एनजीओ, कोर्ट आदि में पैसा दिया। 51 प्रतिशत लोगों को लगता है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही है। यह सर्वे यूएन के 'एंटी करप्शन डे' पर किया गया था। जिन नौ राज्यों में यह सर्वे हुआ वहां लोकायुक्त नहीं है।