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दो लाख से ऊपर के हर लेनदेन पर आयकर विभाग को देनी होगी जानकारी
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:32 PM IST
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सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वस्तु एवं सेवाओं की बिक्री पर 2 लाख रुपये से ज्यादा के एक बार में नकद लेन-देन की जानकारी आयकर विभाग को अनिवार्य रूप से देनी होगी। इसके लिए आयकर नियमों में यथोचित संशोधन कर दिया गया है।
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केन्द्रीय वित्त मंत्रालय से शुक्रवार को यहां जारी एक बयान के मुताबिक आयकर अधिनियम, 1962 के तहत नियम 114 ई के दिशा-निर्देशों पर आयकर विभाग का स्पष्टीकरण जारी हो गया है। यह नियम इसी साल अप्रैल से लागू हुआ है। ऐसा स्पष्टीकरण इसलिए जारी करना पड़ा क्योंकि कुछ मामलों में दो लाख रुपये तक के कुल नकद लेन-देन को लेकर संदेह जताया जा रहा था।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) का कहना है कि नियम 114 ई के उप-नियम के तहत एग्रीगेशन के नियम को बोर्ड की 6 अक्तूबर, 2016 की अधिसूचना के जरिये संशोधित किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय लेन-देन का लेखा-जोखा (एसएफटी) के तहत दो लाख रुपये से ऊपर की नकद लेन-देन की रिपोर्टिंग जरूरी है।
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आयकर अधिनियम, 1962 के नियम 114 ई के तहत वित्तीय लेन-देन का लेखा-जोखा देने का नियम 1 अप्रैल, 2016 को अस्तित्व में आया था। इसके तहत वस्तुओं या सेवाओं की बिक्री पर दो लाख रुपये से अधिक की नकद प्राप्तियों का ब्यौरा देने का प्रावधान है।