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ट्राई ने पेपर बिल को वैकल्पिक बनाने के लिए मांगी सार्वजनिक राय, 10 दिसंबर है अंतिम तारीख
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 16 Nov 2018 05:43 PM IST
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- फोटो : PTI
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दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने पोस्टपेड टेलीकॉम सेवाओं के लिए पेपर बिल (हार्ड कॉपी) को वैकल्पिक बनाने और इलेक्ट्रॉनिक बिल (ई-बिल) को डिफॉल्ट विकल्प बनाने के लिए सार्वजनिक राय मांगी है। ट्राई ने इस पर कंसल्टेशन पेपर जारी कर सभी पक्षों से राय लेने के लिए 10 दिसंबर तक का समय दिया है। फिलहाल 2008 के नियमों के मुताबिक, पेपर बिल लेना अनिवार्य है।
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ट्राई ने कंसल्टेशन पेपर में स्पष्ट किया कि बिलों की छपाई में इस्तेमाल कागजों के लिए काफी मात्रा में पेड़ों की कटाई संबंधी पर्यावरणीय चिंताओं और स्मार्टफोन पर डेटा के इस्तेमाल में भारी वृद्धि के संदर्भ में बदल रहे मोबाइल उपयोग परिदृश्य को देखते हुए ऐसा करने का फैसला लिया गया है। स्मार्टफोन आने से बिल चेक करना आसान हुआ है।
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ट्राई ने कहा कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से उसे दूरसंचार टैरिफ आदेश के उस प्रावधान की समीक्षा का अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसमें पोस्टपेड उपभोक्ताओं को बिल की हार्ड कॉपी या मुद्रित कॉपी देने का प्रावधान है। साथ ही इस प्रावधान से मोबाइल बिल (एम बिल) या ई-बिल के साथ बिल की हार्ड कॉपी देने के डिफॉल्ट विकल्प को हटाने को कहा गया है।
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ट्राई ने कहा कि अपने कंसल्टेशन पेपर में पूछा है कि क्या वायर लाइन और मोबाइल सेवाओं के पोस्टपेड ग्राहकों को बिना किसी शुल्क के पेपर बिल देने के मौजूदा प्रावधान को बदलने की जरूरत है? साथ ही पूछा कि क्या अब ई-बिल को डिफॉल्ट विकल्प बनाया जाना चाहिए?