बेहतर होगी दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था, न्यूयॉर्क की तर्ज पर तैयार होगा सिस्टम
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सार्वजनिक परिवहन का क्रम भी नीचे से एक पायदान ऊपर आ जाएगा। 'ग्लोबल स्ट्रीट डिजाइन गाइड' को न्यूयार्क सिटी की पूर्व ट्रांसपोर्ट कमिश्नर जेनेट सादिक खान ने तैयार किया है। अब इसे दिल्ली सरकार और सेव लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से बुराड़ी व भलस्वा के बीच चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर लागू किया जाएगा। दुनिया में अभी तक 41 शहर इस सिस्टम को अपना चुके हैं।
जेनेट सादिक खान का कहना है कि न्यूयार्क में करीब एक दशक पहले 350 से ज्यादा लोग हर वर्ष सड़क हादसों में मारे जाते थे। ट्रैफिक सिस्टम बेतरतीब तरीके से चल रहा था। पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए रोड पर कोई जगह ही नहीं बची थी।
इन सब दिक्कतों से निजात पाने के लिए ग्लोबल स्ट्रीट डिजाइन गाइड प्रोजेक्ट लागू किया गया। इस सिस्टम ने वहां का ट्रैफिक पैटर्न ही बदल दिया। इससे जाम आदि से निजात तो मिली ही, साथ ही साथ जानलेवा हादसों का ग्राफ भी 214 तक सिमट गया।
आराम से चल सकेंगे पैदल यात्री
इस पर आराम से पैदल यात्री चल सकते हैं। उनके आराम के लिए कई जगहों पर बैठने की व्यवस्था भी रहती है। दिल्ली में जो फुटपाथ हैं, उनमें करीब 70 फीसदी पर अतिक्रमण हो चुका है। पीयूष तिवारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली की जिस सड़क का चयन किया गया है, वहां पर पिछले दो साल में 70 व्यक्ति सड़क हादसे में मारे गए हैं।
दिल्ली के परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी नई व्यवस्था को लेकर अपनी सहमति जताई है। उनके साथ लोक निर्माण विभाग के 12 इंजीनियरों ने भी जेनेट सादिक खान के साथ बैठक कर ग्लोबल स्ट्रीट डिजाइन गाइड को समझा है।इस नई व्यवस्था को धीरे-धीरे दिल्ली के सभी प्रमुख मार्गों पर लागू किया जाएगा।
न्यूयार्क में पहले यह सिस्टम था
-सड़क पर करीब सौ फीसदी कारों का ही वर्चस्व रहता था
-दूसरे नंबर पर हल्के एवं भारी कॉमर्शियल वाहन व दुपहिया वाहन दिखते थे
-तीसरे स्थान पर सार्वजनिक परिवहन जैसे, बस रिक्शा, मेट्रो व साइकिल आदि थे
-पैदल यात्री चौथे नंबर पर थे, जिन्हें जगह मिल जाए तो ठीक न मिले तो ठीक
‘ग्लोबल स्ट्रीट डिजाइन गाइड’ प्रोजेक्ट लागू करने के बाद...
-रोड यूजर्स के क्रम में पैदल यात्री सबसे ऊपर आ गए
-दूसरे नंबर पर मेट्रो, साइकिल सवार, बसें और रिक्शा को जगह दी गई
-कॉमर्शियल वाहन तीसरे स्थान पर पहुंच गए
-कारें जो पहले सबसे ऊपर थी, नई व्यवस्था में उन्हें चौथा स्थान मिला है
2017 के दौरान दिल्ली में 1584 लोग सड़क हादसों में मारे गए
कुल सड़क हादसे - 6673
इतने लोग मारे गए - 1584
गंभीर रुप से घायल हुए - 6604
जानलेवा सड़क हादसे - 1565
मरने वालों में पैदल यात्री - 702
दुपहिया वाहन चालक - 557
ओवरस्पीड के चलते मारे गए - 153
खतरनाक ड्राइविंग के चलते - 86
हिट एंड रन के आंकड़े
कुल हादसे - 1807
जानलेवा हादसे - 700
पिछले साल हुए थे 6287486 ऑन स्पॉट चालान
बिना हेलमेट - 1102354
अनाधिकृत पार्किंग - 1088734
सीट बेल्ट नहीं - 624942