व्यापारियों ने पीएम मोदी से लगाई गुहार, जीएसटी की मार से बचाओ सरकार
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केंद्र सरकार ने जीएसटी को देश के टैक्स सिस्टम में बड़ा सुधार बताया था। सरकार का दावा था कि इस नए टैक्स सिस्टम में व्यापारी अपनी जानकारी भरने में स्वयं सक्षम होंगे और इसके लिए उन्हें किसी विशेषज्ञ की सेवाएं नहीं लेनी पड़ेंगी। लेकिन अब तक के अनुभव बता रहे हैं कि जीएसटी फॉर्म्स को भरना व्यापारियों के लिए भी टेढ़ी खीर साबित हुआ है। अब व्यापारी सरकार से पिछले भरी गई जानकारियों को दुरुस्त करने की गुहार लगा रहे हैं। व्यापारियों ने इसके लिए बाकायदा पत्र लिखकर वित्त मंत्री से और समय देने की गुजारिश की है। इस मामले में दखल देकर व्यापारियों को परेशानी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री से भी अपील की गई है।
गलती को सुधारने का नहीं है मौका
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री वीके बंसल ने व्यापारियों की परेशानियों की जानकारी देते हुए कहा कि जब भी सरकार को यह महसूस होता है कि टैक्स सिस्टम में कुछ गड़बड़ी है, वह जीएसटी काउंसिल की बैठक के जरिए इसे दुरुस्त करती है। यह एक अच्छी प्रक्रिया है, जिसे लगातार आगे बढ़ाना चाहिए। लेकिन परेशानी यह है कि जब उसी सिस्टम से दी गई जानकारी में व्यापारियों से कोई गलती हो जाती है, तो उन्हें इसमें सुधार करने का कोई मौका नहीं दिया जा रहा है, जो व्यापारी समुदाय के साथ अन्याय है।
अधिकारी नहीं करते सहयोग
वीके बंसल ने कहा कि व्यापारी समुदाय देश का सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला वर्ग है। उसे हर वह सहूलियत देनी चाहिए जिससे वह ईमानदारी से अपना कर्तव्य पूरा कर सके। लेकिन टैक्स ऑफीशियल्स उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं देते, जिसकी वजह से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने अपील की कि सरकार को व्यापारियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए टैक्स जानकारियों को दुरुस्त करने के लिए अतिरिक्त समय देना चाहिए।