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चीन की चालबाजी के खिलाफ भारत करेगा नई रणनीति पर मंथन, ड्रैगन चल रहा दोहरी चाल

Mon, 17 Aug 2020 11:26 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 17 Aug 2020 11:26 PM IST
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Top Indian political and military leaders to discuss way forward in Ladakh amid dispute with China
गतिरोध वाले स्थानों से पीछे हटने को तैयार नहीं है चीन - फोटो : पीटीआई

सैन्य वार्ताओं के कई दौर होने के बावजूद चीन फिंगर एरिया, डेपसांग और गोगरा में पीछे हटने को तैयार नहीं है। ऐसे में आगे की योजना के लिए भारत के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेता बैठक करेंगे। बता दें कि चीनी सैनिक फिंगर एरिया में तीन महीने से ज्यादा समय से मौजूद हैं और बंकर निर्माण करने के साथ अपनी स्थिति भी मजबूत कर रहे हैं।

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समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सूत्रों ने कहा, 'पूर्वी लद्दाख में वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए, जहां चीनी सैनिक कई स्थानों पर आगे बढ़ आए हैं, शीर्ष राजनीतिक नेताओं की सैन्य नेताओं के साथ बैठक तय हुई है।' बैठक में इस बात पर चर्चा होने की संभावना है कि उन स्थितियों से कैसे निपटा जाए जहां चीनी सैनिकों ने कठोर रुख अपना रखा है और भारतीय सैनिकों के साथ झड़पों में शामिल रहे हैं।
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देश के वरिष्ठ नेतृत्व की यह बैठक चीन और भारत के बीच हुई दौलतबेग ओल्डी में हुई मेजर जनरल स्तर की वार्ता के करीब एक सप्ताह होने जा रही है। इस वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष ने चीनी पक्ष से कहा था कि वह पैट्रोलिंग प्वाइंट 10, 11, 12 और 13 पर भारतीय पैट्रोल में बाधा उत्पन्न करना बंद करें। बता दें कि बीते कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच सैन्य तनाव चरम पर है।
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चीन अभी भी भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में है लेकिन भारत ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। चीनी पक्ष मांग कर रहा है कि भारत को दौलतबेग ओल्डी और पूर्वी लद्दाख सेक्टर में पीछे हटना चाहिए। लेकिन, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत की ओर से किया गया निर्माण कार्य चीन के कदमों को देखते हुए किया गया है और यह भारतीय क्षेत्र में आता है। ऐसे में भारत के पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। 

बता दें कि दौलतबेग ओल्डी सेक्टर के सामने चीन ने भारी संख्या में सैनिक तैनात कर रखे हैं। ये सैनिक भारी और घातक हथियारों के साथ बख्तरबंद वाहनों से लैस हैं। इसके जवाब में चीन की ओर से की गई किसी भी अनावश्यक कार्रवाई से निपटने के लिए भारत ने भी अपनी तैयारियां मजबूत की हैं। भारत की तीनों सेनाएं लद्दाख में स्थिति पर नजर रख रही हैं। 

सैन्य क्षमताएं बढ़ाने में पाक की मदद कर रहा चीन

वहींं, भारत से विवाद के बीच चीन पाकिस्तान की सैन्य क्षमताएं बढ़ाने में उसकी मदद कर रहा है। इसके लिए वह पाकिस्तान को अत्याधुनिक रक्षा उत्पाद बेच रहा है। खुफिया सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान चीन से मध्यम रेंज के लंबे समय तक चलने वाले मानव रहित एरियल व्हीकल 'काई हांग-4' खरीद रहा है। 

तिब्बत क्षेत्र में चीन ने बढ़ाई सैनिकों की संख्या
जानकारी के अनुसार चीन ने तिब्बत मिलिट्री जिले में 77 कॉम्बैट कमांड के 150 लाइट कंबाइंड आर्म्ड ब्रिगेड को तैनात किया है। ये ब्रिगेड सभी तरह के हथियारों को चलाने में माहिर होती है। इन ब्रिगेड को भारत से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास तैनात किया गया है। 

सूत्रों के अनुसार तिब्बत में ऊंचाई वाले इलाकों में चीनी सेना ने आर्टिलरी गन (तोप) तैनात की हैं। जानकारी के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में चीन ने यहां 4600 मीटर की ऊंचाई पर आर्टिलरी गन तैनात की हैं।

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