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व्यापक सुधारों के अभाव में संयुक्त राष्ट्र पर भरोसे की कमी का संकट मंडरा रहा - मोदी
Tue, 22 Sep 2020 02:11 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 22 Sep 2020 02:11 PM IST
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प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि व्यापक सुधारों के अभाव में संयुक्त राष्ट्र पर भरोसे की कमी का संकट मंडरा रहा है। उन्होंने बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया जो मौजूदा वास्तविकताओं को दर्शाए, सभी पक्षकारों की बात रखे, समकालीन चुनौतियों का समाधान दे और मानव कल्याण पर केंद्रित हो।
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संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुलाई गई महासभा की उच्च स्तरीय बैठक में सोमवार को अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बयान दिया। मोदी ने कहा कि हम पुराने हो चुके स्वरूप के साथ आज की चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते। व्यापक सुधारों के अभाव में संयुक्त राष्ट्र पर भरोसे की कमी का संकट मंडरा रहा है।
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संयुक्त राष्ट्र के गठन के 75 साल पूरे होने के मौके पर, 193-सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक अग्रगामी राजनीतिक संकल्प को अपनाया। इसमें आतंकवाद से निपटने के लिए तंत्र को मजबूत करने, बहुपक्षवाद में सुधार करने, समावेशी विकास और कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियों से निपटने की बेहतर तैयारी का आह्वान किया गया।
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मोदी ने कहा कि इस संकल्प में सुयंक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज परस्पर जुड़े हुए विश्व में, बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, जो मौजूदा वास्तविकताओं को दर्शाए, सभी पक्षकारों की बात रखे, समकालीन चुनौतियों का समाधान दे और मानव कल्याण पर ध्यान दे।
उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में अन्य देशों के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी. एस तिरुमूर्ति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में प्रधानमंत्री मोदी के पहले से रिकॉर्ड भाषण की प्रस्तावना दी।